बिलासपुर : बिलासपुर में खीर से झुलसे छात्र के इलाज में लापरवाही बरतने वाले हेडमास्टर और टीचर को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने सस्पेंड कर दिया है. वहीं, स्कूल स्टाफ की लापरवाही को हाईकोर्ट ने भी गंभीर माना है. पूरा मामला तोरवा क्षेत्र के दोमुहानी के प्राइमरी स्कूल का है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने केस में कलेक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी.

बता दें, बीते 16 दिसंबर को बिल्हा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक स्कूल दोमुहानी में मध्यान्ह भोजन में बच्चों के लिए खीर बनाई गई थी. इस दौरान हेडमास्टर और टीचर बच्चों को भोजन करने के लिए क्लास रूम में बुलाने गए. इसके बाद बच्चे एक साथ मध्यान्ह भोजन लेने के लिए किचन में पहुंचे. इस दौरान खीर की कड़ाही घेर कर बच्चे खड़े हो गए. तभी तीसरी कक्षा का छात्र आदित्य कुमार धीरज उबलती खीर में गिर गया. आनन- फानन में महिलाओं ने उसे उठाया. खीर में गिरने से छात्र का हाथ बुरी तरह से झुलस गया, जिससे वह रोने लगा. कुछ समय बाद छात्र दर्द से तड़पने लगा.
शिक्षकों ने जख्मी छात्र को अस्पताल पहुंचाने के बजाय उसे घर भेज दिया. छात्र की हालत देखकर परिजन स्कूल पहुंचे और हंगामा करने लगे तब स्कूल प्रबंधन ने उसे अस्पताल में दाखिल कराया. इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय प्राथमिक शाला दोमुहानी की प्रधान पाठक सुनीता खेस और मध्यान भोजन प्रभारी सहायक शिक्षक सुशीला पटेल को सस्पेंड कर दिया है.
