कांकेर : कांकेर जिला मुख्यालय से 4 किमी दूर ग्राम कोड़ेजुंगा में पहाड़ी में भालू को भोजन नहीं मिलने से बस्तियों में भोजन की तलाश में पहुंच रहे है. वही अनुसूईया सोनवानी के घर बाऊंड्रीवाल पारकर टिन का दरवाजा को तोड़कर भालू अंदर घुस गया था. किचन में पहुंच भालू ने डिब्बे में रखा तेल पी लिया, दो पैकेट गुड़ खा गया और शक्कर खा गया. बोतल में भरा शहद भी पी गया, इसके बाद बाड़ी में घूमता रहा. परिवार के सदस्य दूसरे कमरे में थे तथा अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था.

पहले तो परिजनों ने सोचा भालू खा पीकर लौट जाएगा, लेकिन भालू पूरी रात तक हंगामा करता रहा. भालू के घर में घुसने से परिवार ने डर के साए में रात गुजारी, रातभर सोनवानी परिवार सो नहीं पाया. भालू ने दूसरे कमरे का दरवाजा भी तोड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाया. परिवार के लोगों ने रात में ही वन विभाग कर्मचारी को फोन किया, लेकिन मोबाईल नहीं उठाया वहीं 16 दिसंबर की सुबह 5 बजे फोन वन विभाग के अमले ने उठाया. वन रक्षक चेतन पवार मौके पर सबसे पहले पहुंचे, जिसकी आहट से भालू बाऊंड्रीवाल कूदकर भाग गया.
