मां लक्ष्मी ऐश्वर्य व वैभव की देवी हैं. इसलिए दीपावली के दिन इनकी पूजा से भौतिक सुखों की प्राप्ति तो होती ही हैं साथ ही घर में भरपूर खुशियां आती हैं. वहीं दीवाली पूजन में अगर कुछ बातों का भी खास ध्यान रखा जाए तो विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है. हमारी धार्मिक मान्यताओं में आम के पेड़ को दैवीय वृक्ष माना जाता है और आम के पेड़ की लकड़ी और पत्तों का प्रयोग सभी प्रकार के धार्मिक कार्यों की शुरुआत करने से पहले किया जाता है. दीपावली पर भी आपको घर के मुख्य द्वार और पूजा घर के मुख्य द्वार पर गेंदे के फूल और आम के पत्तों से बना तोरण लगाना चाहिए. ऐसा करना धार्मिक दृष्टि तो शुभ माना ही जाता है, बल्कि वास्तु के अनुसार भी यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है.

हमारे धर्म से जुड़े कोई भी शुभ कार्य को आरंभ करने से पहले स्वास्तिक का चिह्न अवश्य बनाया जाता है. इसका महत्व बहुत खास माना जाता है. दीपावली के दिन पूजा घर की दीवारों पर सिंदूर से स्वास्तिक चिन्ह बनाएं. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. यह देवी लक्ष्मी को आकर्षित करता है और घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है.
गणेश जी की कौन सी मूर्ति खरीदें?
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश बताते हैं कि दिवाली के दिन अगर आप गणेश जी की नई मूर्ति को घर पर ला रहे हैं तो इस बात का विशेष ध्यान रखें की मूर्ति में गणेश जी की सूंड दाएं तरफ मुड़ी हो. गणेश जी कि यह मूर्ति बहुत ही शुभ मानी जाती है, दिवाली के दिन इस मूर्ति से पूजा करना बहुत ही शुभ होता है.
लक्ष्मी जी की कौन सी मूर्ति खरीदें?
ज्योतिषाचार्य राकेश बताते हैं कि वहीं आप दिवाली के दिन लक्ष्मी जी की नई मूर्ति घर ला रहे हैं तो आपको लक्ष्मी माता की उस मूर्ति को नही खरीदना है जिसमें वो खड़ी हैं. उसकी जगह आपको लक्ष्मी जी उस मूर्ति को घर लाना है जिसमें वो बैठी हुई हों और उनके एक हाथ से आपको आशीर्वाद मिल रहा हो और दूसरे हाथ से धन गिर रहा हो. लक्ष्मी जी की ऐसी मूर्ति बहुत ही शुभ मानी जाती है.
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
ऐसा माना जाता है कि दीपावली पर मां लक्ष्मी का पृथ्वी पर आगमन होता है, इसलिए इस दिन शाम के समय घर के द्वार खुले रखे जाते हैं. दीपावली के शुभ दिन पर लक्ष्मी-गणेश जी के साथ-साथ धन के देवता कुबेर की भी पूजा की जाती है. दीपावली (कालरात्रि ) वह निशा है जिसमें तंत्र साधकों के लिए सर्वाधिक अवसर होते हैं.
शुभ दीपावली तिथि 2023
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 12 नवंबर रविवार को दोपहर 02:44 बजे से शुरू हो जाएगी और 13 नवंबर सोमवार को दोपहर 02:56 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के आधार पर कार्तिक अमावस्या तो 13 नवंबर को होगी, लेकिन अमावस्या तिथि में प्रदोष काल 12 नवंबर को प्राप्त हो रहा है, 13 नवंबर को प्रदोष काल के समय शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी. इस वजह से इस साल दीपावली का त्योहार 12 नवंबर को मनाया जाएगा.
प्रदोष काल का मुहूर्त
प्रदोष काल 12 नवंबर 2023 को सायं काल 17:11 से 19:39 बजे तक रहेगा, जिसमें वृषभ काल (स्थिर लग्न) 17:22 बजे से 19:19 बजे तक रहेगा.
लक्ष्मी पूजा का प्रदोष काल का मुहूर्त का समय सायं काल 17:11 बजे से सायं काल 19:39 बजे तक रहेगा.
निशीथ काल का शुभ पूजा मुहूर्त
श्री महालक्ष्मी पूजा के लिए यह निशीथ काल मुहूर्त भी अच्छा माना जाता है जोकि रात्रि 11:39 बजे से रात्रि 12:30 बजे तक रहेगा. यह अवधि लगभग 52 मिनट की होगी.
