बिलासपुर : विधानसभा चुनाव में वोटरों को रिझाने राजनीतिक पार्टियां 500 रुपये में या 500 रुपये तक सब्सिडी के साथ घरेलू गैस सिलिंडर देने की घोषणा कर चुकी हैं. वहीं मध्य प्रदेश के चंदिया के कुम्हारों ने दिवाली पर बच्चों के लिए खास गुल्लक वाला “रसोई गैस सिलिंडर” बिक्री के लिए बाजार में उतार दिया है. मात्र 100 रुपये में मिलने वाले इस सिलिंडर ने बाजार में खलबली मचा दिया है.
न्यायधानी में इस साल दिवाली और भी खास होने वाला है. चुनावी साल में जहां राजनीति पार्टियां जनता को लुभावने घोषणाओं के जरिए रिझाने का पुरजोर प्रयास कर रहे हैं,तो वहीं दिवाली पर बाजार में भी ग्राहकों के लिए एक से बढ़कर आफर आ चुके हैं. खास बात यह कि मध्य प्रदेश के चंदिया से आने वाले कुम्हारों ने भी खूब तैयारी की है. रेलवे परिक्षेत्र के बंगला यार्ड स्टेशन रोड पर दुकानें सज चुकी हैं. डिजाइनर दीए के साथ रंग-बिरंगे धूप दान, कलश और बच्चों के लिए मिट्टी के खिलौने शामिल हैं. इनमें लाल रंग के रसोई गैस सिलिंडर (गुल्लक) सभी को खूब पसंद आ रहा है. इसकी कीमत 100 रुपये है. कुछ जगहों पर 70 रुपये में छोटा सिलिंडर मिल रहा है. दिवाली पर इस साल कुम्हारों ने खास बच्चों के लिए बनाया है.
घर-आंगन होगा रोशन
गांवों में मिट्टी का बर्तन बनाने वाले कुम्हार दिन-रात एक कर ग्वालिन से लेकर दीये तैयार कर बाजार में उतार चुके हैं. लोगों के घर आंगन मिट्टी के दीये से रोशन होंगे और उनके कारोबार को दोबारा बुरे दिन नहीं देखने पड़ेंगे. बिलासपुर में विगत पांच वर्षों से लगातार चीनी उत्पादों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इसके कारण दिवाली पर चाइनीज झालरों का बहिष्कार जारी है. ऐसी स्थिति में स्वदेशी पर सबसे अधिक बल दिया जाता है.
‘वोकल फार लोकल’ की अपील
पीएम मोदी के ‘वोकल फार लोकल’ की अपील जारी है. इसका असर है कि ग्रामीण अंचलों में कुम्हारों का चाक ने इस साल जबरदस्त रफ्तार पकड़ी. मध्य प्रदेश के उमरिया जिला व चंदिया के डिजाइनर दीये बिकने आ चुके हैं. 140 से 150 रुपये सैकड़ा में बिक्री शुरू हो चुकी है. वहीं 15 से 20 रुपये दर्जन में बिक रहा है.
