राजनांदगांव : राजनांदगांव निगम क्षेत्र में पेंड्री वार्ड क्रमांक-21 में लगभग एक दशक पूर्व अटल आवासों की स्थिति गुणवत्ताहीन निर्माण तथा समय-समय पर साधारण नहीं होने से अत्यंत जर्जर हो गई है. निगम की आउटर सीमा में स्थित होने के कारण निगम अधिकारी भी इस अटल निवास में साफ-सफाई, जल निकासी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की ओर ध्यान नहीं देते हैं. पिछले 7 साल से इन आवासों में करीब परिवार निवासरत है और उनके द्वारा बार-बार निगम अधिकारियों के समक्ष आवासों की जर्जर स्थिति में सुधार तथा नाली और जल निकासी की व्यवस्था के लिए बार-बार शिकायतें का जा रही है बावजूद इसके समस्याओं के निराकरण हेतु निगम द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से यही के निवासी आक्रोशित और आंदोलित है.
इन रहवासियों की मांग है कि जर्जर हो चुके अटल आवासों में कभी भी जनहानि हो सकती है इसीलिए इसी वार्ड में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत बनाए गए और खाली पड़े आवासों में उन्हें स्थानांतरित कर अटल आवासों को तोड़कर उसका पुनर्निर्माण किया जाए. पीड़ितों का यह भी कहना है कि यहां रहने वाले लोग अत्यंत गरीब हैं तथा शहर के दुकानों और आवासों में मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं. इनके घर के महिलाओं का मुख्य रोजगार विभिन्न घरों में झाड़ू-पोछा, बर्तन मांजना और कपड़ों की धुलाई करना है.
अटल आवास पेंड्री की दूरी मुख्य नगर से काफी अधिक है क्योंकि यह शहर के अंतिम छोर पर बना है. यहां से शहर में मजदूरी करने के लिए जाने वाली महिलाओं को समय पर कार्यस्थल पर पहुंचने के लिए रिक्शा-ऑटो रिक्शा या अन्य सरकारी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है. इससे उनकी मजदूरी का आधा हिस्सा खत्म हो जाता है यह भी एक कारण है कि इन गरीब परिवारों को पेट भरने में भी परेशानी हो रही है. शहर के जनप्रतिनिधियों निगम के अधिकारियों को भी इनकी गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए. अटल आवास पेंड्री में निवासरत 1000 परिवारों के प्रति निगम अधिकारियों की उपेक्षा कहीं बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाए तो इससे इंकार नहीं किया जा सकता.
