दुर्ग : छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों राजनीतिक पार्टी भाजपा और कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है. वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा कार्यकर्ताओं और नेताओं को संयमित होकर पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कार्य करने के लिए शख्त निर्देश जारी किए गए हैं. लेकिन कुछ लोगों को वरिष्ठ नेताओं के निर्देशों का असर नहीं हो रहा है और वे अपनी आपा खोकर विपक्षी पार्टी के नेताओं पर मारपीट पर उतारू हो गए हैं.
इसी बीच दुर्ग में पार्षदों की दबंगई और गुंडई की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं. भिलाई के बाद अब दुर्ग निगम में कांग्रेसी पार्षद हमीद खोखर का वीडियो सामने आया है. पार्षद हमीद खोखर ने भाजपा नेता मतीन शेख को धक्का दिया. फिर लात से मारा और गाली गलौज की. खास बात यह है कि ये सब दुर्ग विधायक अरुण वोरा के सामने ही हुआ.
41 केलाबाड़ी के छाया पार्षद और बीजेपी नेता मो. मतीन शेख ने बताया कि राज्य सरकार मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर हमर क्लीनिक योजना चला रही है. इसके तहत हर वार्ड में एक क्लीनिक बनाया जाना है. दो दिन पहले विधायक वोरा वार्ड 40 में क्लीनिक का भूमि पूजन करने पहुंचे थे. इस पर लोगों ने विरोध शुरू कर दिया.
छाया पार्षद मतीन शेख ने विधायक वोरा को ज्ञापन देकर कहा कि ये योजना वार्ड 41 की है तो उसे वहीं बनाया जाए. उन्होंने वार्ड 40 के स्कूल परिसर में क्लीनिक बनाए जाने का विरोध किया. आरोप है कि यह देख पार्षद हमीद खोखर भड़क गए. उन्होंने गाली गलौज करते हुए छाया पार्षद मतीन शेख की लात-घूंसों से पिटाई कर दी. किसी तरह लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया.
विधायक के समझाने पर नहीं माना कांग्रेसी पार्षद
विवाद शांत करने के लिए विधायक अरुण वोरा ने बीच बचाव किया, लेकिन उसके बाद भी पार्षद हमीद नहीं माना. दुर्ग नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी और एमआईसी सदस्य हमीद खोखर विधायक के सामने ही छाया पार्षद वहां से हटाया और खुद कुर्सी पर बैठ गया. इसके बाद विधायक छाया पार्षद को लेकर दूसरे कमरे में गए. इस पर कांग्रेसी पार्षद वहां भी पहुंच गया और मो. मतीन से झगड़ा करने लगा.
बिना एनओसी बनाया जा रहा हमर क्लीनिक
मोहल्ले के निवासी राजेश वर्मा का कहना है कि जिस जमीन में हमर क्लीनिक बनाया जा रहा है वो दान की है. त्रिलोचन कुर्रे ने इस जमीन को बालवाड़ी और गार्डन के लिए दिया था. इसके बाद नगर निगम यहां स्कूल बना दिया. अब वार्ड 41 का पार्षद हमीद खोखर यहां अस्पताल बना रहा है. नियम के मुताबिक इसके लिए उन्हें शिक्षा विभाग से एनओसी लेना था, लेकिन यह भी नहीं लिया गया.
