पाटन- पिछले कुछ वर्षों में पाटन का तेजी से कायाकल्प हुआ है. सड़कें तो चौड़ी हुई ही हैं शहर का ऐसा सौन्दर्यीकरण हुआ है कि यहां से गुजरने वाले भी चकित रह जाते हैं. पर शहरवासियों को एक कमी बहुत खलती थी. कोई ऐसी जगह नहीं थी जहां शाम को थोड़ी तफरीह की जाए, जहां खाने–पीने के भी स्टॉल हों. राजीव सरोवर के विकास के साथ ही उनकी यह जरूरत भी पूरी हो गई है. लगभग 5 करोड़ 80 लाख रुपए में शहर के नकटा तालाब का सौन्दर्यीकरण किया गया है. यहां न केवल खूबसूरत हरी–भरी घास वाला पार्क बनाया गया है बल्कि उसके चारों तरफ पाथवे का भी निर्माण किया गया है. खूबसूरत गार्डन लाइट की दूधिया रोशनी में नहाए राजीव सरोवर पार्क की सुन्दरता देखते ही बनती है. लोग यहां मार्निंग और ईवनिंग वॉक के लिए आने लगे हैं. सपरिवार शाम को खुली हवा में सांस लेने की इच्छा रखने वालों के लिए यहां बाकायदा चौपाटी की स्थापना की गई है. इसके शुरू हो जाने से यहां तफरीह के साथ ही भोजन एवं स्वल्पाहार की भी व्यवस्था हो जाएगी. राजीव सरोवर पार्क के पास ही इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है. इसपर 9 करोड़ 87 लाख रुपए खर्च किये जायेंगे. यही नहीं, यहां लगभग 5.5 करोड़ की लागत से स्विमिंग पूल तैयार किया जा रहा है जहां गांव के बच्चे तैराकी का प्रशिक्षण प्राप्त कर इस खेल में शहर के साथ ही राज्य का भी नाम रौशन कर सकेंगे.

नगर पंचायत अध्यक्ष भूपेन्द्र कश्यप ने कहा कि पाटन जिला तो नहीं, पर उससे कम भी नहीं. यह एक जंक्शन है जहां से होकर रायपुर, धमतरी, दुर्ग, गुण्डरदेही एवं अभनपुर–राजिम को सड़क जाती है. इन सुविधाओं के विकास के साथ अब पाटन में भी महानगरीय सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी. शहर सहित आसपास के 15-20 गांवों के लोग भी शाम के समय यहां घूमने के अलावा शॉपिंग करने के लिए आते हैं. उन्होंने बताया कि राजीव सरोवर में जल्द ही बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध करा दी जाएगी जिसके बाद यहां के आकर्षण को चार चांद लग जाएंगे.
