राजनांदगांव : इस सावन माह राजनांदगांव जिला शिवमयी वातावरण में डुबा नज़र आया है जिसमें राजनांदगांव महापौर हेमा देशमुख की अहम भूमिका रही है, कुछ दिनों पहले महापौर हेमा देशमुख के द्वारा प्रथम बार ग्रामीण अंचल में शिवनाथ नदी से अंजोरा तक कांवड़ यात्रा निकाली गयी थी, जिसमें अंजोरा एवं आस पास के दो दर्जन गांव ने हजारों के संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर कावंड़ यात्रा में सम्मिलित होकर जल अभिषेक किया था, इसी क्रम में एक हर पुनः महाकाल भक्त हेमा देशमुख के अगुवाई में भर्रेगांव स्थित भगवान शिव के लगभग सवा सौ सवाल पुराने प्राचीन राउरगोंदी महाकाल मंदिर में 11 द्वादस ज्योतिर्लिंग एवं प्राचीन शिवलिंग के महाभिषेक हेतु, खुटेरी घाट शिवनाथ नदी से भर्रेगांव तक ऐतिहासिक कावंड़ यात्रा निकाली गयी.

आयोजक समिति राउरगोंदी महाकाल सेना के सदस्यों ने बताया की भर्रेगांव स्थित राउरगोंदी मंदिर लगभग 148 साल पुराना चमत्कारी शिव मंदिर है बरसों से हमारे पुरखों का मानना है कि यहां सब भक्तों की मनोकामना पूरी होती है लेकिन आज यह मंदिर केवल आस पास के गांव के लोगों तक ही सीमित रह गया था, नौजवान युवक युवतियों एवं शहर के लोगों को इस मंदिर संबंधित किसी प्रकार की जानकारी नहीं थी, परंतु आज राजनांदगांव महापौर हेमा देशमुख जी के सहयोग से एक बार पुनः यह प्राचीन मंदिर पूरे जिले में प्रचलित हो गया है और इस मंदिर स्थित प्राचीन शिवलिंग का जल अभिषेक करने आसपास के लगभग 20 गांव के महाकाल भक्त सम्मिलित हुए हैं और राउरगोंदी महोत्सव मानते हुए भव्य कावड़ यात्रा निकालकर जल अभिषेक किया है.
कार्यक्रम संयोजक महाकाल भक्त राजनांदगांव की महापौर हेमा देशमुख ने बताया कि भर्रेगांव एवं आसपास के गांव के युवाओं द्वारा यह मांग रखी गई की भर्रेगांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर राउरगोंदी में एक भव्य धार्मिक आयोजन कराया जाए, इसके पश्चात हमने यह निर्णय लिया कि सावन के इस पवित्र महीने में 12 द्वादश ज्योतिर्लिंग के साथ जिसमें कुछ मिट्टी के शिवलिंग थे एवं कुछ संगमरमर के शिवलिंग के साथ राउरगोंदी के प्राचीन शिव मंदिर में जल महाअभिषेक हेतु कांवड़ यात्रा निकाल कर पूरे राजनांदगांव ग्रामीण में शिवमयी वातावरण एवं धार्मिक जागरूकता उत्पन किया जाए.
इसी क्रम में आज हमने खुटेरी घाट शिवनाथ नदी से भर्रेगांव तक कांवड़ यात्रा निकाली जिसमे हज़ारों के संख्या में महकलभक्तो की उपस्थिति रही, कावड़ यात्रा में चलित झांकी, ध्वनि यंत्र एवं मोखला के शिवलिंग झांकी के साथ भारी संख्या में महिला उपस्थित रहीं, एवं कुछ गांव द्वारा शिवलिंग दान की भी मांग रखी गई, हम आने वाले महीने में उन ग्रामों में शिवलिंग दान कर स्थापना करेंगे, कार्यक्रम में उपस्थित सभी का महाकाल भक्तों का मैं आभार व्यक्त करती हूं शिव शंभू भोलेनाथ आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें.
यात्रा में जनपद सदस्य, विभिन्न गांव के सरपंच, उप सरपंच, पार्षद एवं संगठन अध्यक्ष के साथ भर्रेगांव, खुटेरी, मोखला, आरला, कोटराभाटा, सुरगी, बुचिभरदा, कुसमी पर्रि, कुमालोरी, बेलटेकरी, मनकी, खैरा रवेली, टोरनकत्ता, उसरीबोर्ड धामनसरा, मुड़पार, मलपुरी भोतिपार, जंगलेश्वर, अलिखूटा, धोडिया, ठेकुआ, अंजोरा, ककरेल, फरहद आदि के साथ राजनांदगांव के ग्रामीण एवं शहर के महाकाल भक्त उपस्थित थे.
