रायपुर- विधानसभा में एससी-एसटी युवाओं के निर्वस्त्र प्रदर्शन का मुद्दा गूंजा. विपक्ष ने शून्य काल के दौरान स्थगन प्रस्ताव पेश कर चर्चा की मांग की. विपक्ष ने प्रदर्शनकारी युवाओं का पक्ष लेते हुए फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए की गई नियुक्ति पर हाई पॉवर कमेटी के गठन की मांग की. आखिरकार भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की गई.

पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि ये बहुत संवेदनशील मामला है. इसे राजनीति से ऊपर उठकर देखना चाहिए. छत्तीसगढ़ का व्यक्ति सरल, संकोची होता है. एससी-एसटी वर्ग के युवा अपने अधिकारों को लेकर पीड़ित हैं. इस मामले में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक हाईपॉवर कमेटी बनाकर जाँच कराई जाये और ज़िम्मेदार अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए.
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि नग्न प्रदर्शन की सूचना शासन को पहले से नहीं दी गई थी. फर्जी प्रमाण पत्र के साथ नौकरी करने वालों के खिलाफ नग्न प्रदर्शन किया गया. पुलिस द्वारा रोकने पर झूमाझटकी की गई. पुलिस कर्मियों को चोटें आई. इस आधार पर गिरफ़्तारी की गई. प्रकरण की विवेचना की जा रही है.
बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार पर लानत है. इस सरकार ने युवाओं को नग्न होने पर मजबूर कर दिया. घटना से हम सब शर्मसार हुए हैं. नग्न प्रदर्शन करते हुए युवा विधानसभा के क़रीब पहुंच गये. एससी-एसटी वर्ग के युवा अपनी मांगों को लेकर नग्न प्रदर्शन पराकाष्ठा है. इस मामले में अब तक किसी के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की गई.
बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि देश को शर्मसार करने वाली घटना घटी. एसटी-एसटी वर्ग के युवाओं ने मंत्रियों के क़ाफ़िले के सामने नग्न प्रदर्शन किया. देश में ऐसी घटना नहीं घटी.
मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नियुक्ति करने वाली बीजेपी सरकार ही थी. बीजेपी सरकार के वक़्त ये नियुक्तियां की गई थी.
कांग्रेसी विधायक संगीता सिन्हा और कुलदीप जुनेजा ने कहा कि नग्न प्रदर्शन को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता. नग्न होकर प्रदर्शन महिलाओं का अपमान है. प्रदर्शन ऐसा नहीं हो सकता. धर्मजीत सिंह ने कहा कि एक हाईपॉवर कमेटी बनाकर इस मामले की जांच कराई जानी चाहिए. धरमलाल कौशिक ने कहा कि फर्जी प्रमाण पत्र के ज़रिए नौकरी कर रहे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन यहां युवाओं पर कार्रवाई की जा रही है.
