छत्तीसगढ़ की ‘ग्रास-रूट लेवल’ योजनाओं को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है. भारत सरकार के कानून और न्याय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को वैश्विक स्तर पर ईएसजी – यानी पर्यावरण, सामाजिक कल्याण और सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए “पृथ्वी अवार्ड-2023” प्रदान किया. यह अवार्ड सरकारी श्रेणी के अंतर्गत प्रदान किया गया है. यह अवार्ड ईएसजी रिसर्च फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया जाता है. एजीओ श्रेणी में दो महिला स्व-सहायता समूहों को भी सम्मानित किया गया है.

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ 100 से अधिक वन उत्पादों को ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड नाम के तहत उपलब्ध करवा रहा है. इन उत्पादों को संजीवनी स्टोर, सी-मार्ट और ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा 65 प्रकार के वनोत्पादों की समर्थन मूल्य पर खरीदी कर उनका वैल्यूएडिशन एवं प्रोसेसिंग की जा रही है. इससे वनांचल के रहवासियों की आय बढ़ी है और जीवन स्तर में सुधार हो रहा है. मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत फलदार वृक्षों के रोपण को प्रोत्साहन मिला है जिससे वन-आवरण में भी वृद्धि हो रही है. 23 हजार से अधिक हितग्राहियों द्वारा लगभग 36 हजार एकड़ निजी भूमि में मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना अंतर्गत वृक्षारोपण की सहमति दी गई है. छत्तीसगढ़ शासन की फ्लैगशिप योजना नरवा-गरुवा-घुरवा-बाड़ी के तहत वनांचलों के 6395 नालों को पुनर्जीवित कर 22 लाख 92 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया जा चुका है. नालों के आसपास के क्षेत्र में भू-जल स्तर में वृद्धि हुई है, निस्तार और सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता बढ़ी है.
बस्तर के ग्राम आसना में इमली प्रसंस्करण हो रहा है. वर्षा स्व-सहायता समूह के 10 समूहों की 104 महिलाएं वन धन योजना पर काम कर रही है. इमली के प्राथमिक प्रसंस्करण से स्थानीय आबादी को 23 लाख रुपये से अधिक आय प्राप्त हुई है. इससे 3000 से अधिक स्थानीय वनवासी लाभान्वित हुए हैं. 4,500 क्विंटल प्रसंस्कृत इमली से 1.54 करोड़ रुपए की आय हुई है. वहीं कवर्धा के जय बुढ़ा देव स्व-सहायता समूह की 10 इकाइयों के 244 सदस्य मोटा अनाज यानि श्री अन्न का उत्पादन और प्राथमिक प्रसंस्करण कर रहे हैं. बीते साल समूह ने 30 से 33 रूपए प्रति किलो की दर से करीब 8187 क्विंटल मोटे अनाज की खरीदी की और प्रसंस्कृत किया. इससे स्थानीय किसानों को 2.45 करोड़ रुपये का वित्तीय पारिश्रमिक प्राप्त हुआ.
