भिलाई : आदिवासी मातृशक्ति संगठन के द्वारा टंकी मरोदा भिलाई में समाज की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक बैठक की गई. इस बैठक में संगठन के चंद्रकला तारम ने अपने संबोधन में इस आशय पर प्रकाश डाला कि जाति निवासी मिशन प्रमाण पत्र की दुरूस्तीकरण नही होने से बच्चों को प्रमाण पत्र से वंचित होना पड़ रहा है.
इसी आशय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए संगठन अध्यक्ष अश्लेष मरावी ने शिक्षा को एक मात्र हथियार बताया, इसे समाज को सशक्त करने का माध्यम निरूपित किया. अशिक्षा के अभाव में आदिवासियों की पैतृक सम्पत्ति, जल, जंगल जमीन जो खतरे में है, उसकी रक्षा करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.
इस अवसर पर गोंडवाना समाज टंकी मरोदा के अध्यक्ष चुन्नीलाल ठाकुर ने इस बात पर दुख व्यक्त किया है कि अभी भारत में सरकारी नौकरी के क्षेत्र मे 2% से भी कम में हमारी भागीदारी है, जबकि युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने को अति आवश्यक बताया.
इस अवसर पर रेमुन मंडावी ने जोर देकर कहा कि हम अभी भी श्रमिक क्षेत्रों में रहते है. और समाज के लिए एक सामुदायिक भवन की आवश्यकता एक लम्बे अरस से महसूस की जा रही है, उसका समाधान अति आवश्यक बताया. इस बैठक में चुन्नी लाल ठाकुर, भुवन ठाकुर, दुखित ठाकुर, बलराम ठाकुर, चन्द्रकला तारम, अश्लेष मरावी, लोकेश्वरी ध्रुव, कुमारी बाई ठाकुर, मुन्नी बाई ठाकुर, रेमुन मंडावी, मान कुंवर ठाकुर, उषा ठाकुर, नीरा ठाकुर, राम अवतार ठाकुर, धनसिंह ठाकुर, नमु ठाकुर, चैत गोंड, मनु ठाकुर, सुरज ठाकुर, राम कुमार ठाकुर, मोहन लाल ठाकुर, धनराम ठाकुर, चुम्मन ठाकुर, राजेश ठाकुर आदि उपस्थित रहे.
