दंतेवाड़ा : ग्रामीण इलाकों में अक्सर विवादों के बाद पंचायती प्रथा से आने वाले फरमान, खाप पंचायतों की तरह एकतरफा साबित होते हैं. जिसकी वजह से लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ जाती है. दंतेवाड़ा के सुरनार गांव में भी ऐसा ही हुआ… जहां पर 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले 16 साल के नाबालिग ने आत्महत्या कर ली.

नाबालिग लड़के की मौत का कारण जानकर आप भी चौंक जाएंगे. छात्र ने माहरापारा कुआकोंडा के जंगलों में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया है. मृतक के जीजा प्रमोद ने मौत की वजह बताते हुए कहा कि, मृतक बादल को गांव की ही एक लड़की से प्यार हो गया था, दोनों साथ में ही स्कूल जाते थे. लेकिन जैसे ही यह बात लड़की के घरवालों को पता चली तो उसके घर जाकर परिजनों और गांव के कुछ दंबगों ने लड़के को जमकर मारा और गांव में पंचायत भी बिठाई गई थी, इतना ही नहीं 3 लाख रुपये की मांग भी की. इसके बाद से ही मृतक बादल काफी परेशान चल रहा था. यही सबसे बड़ा कारण है कि, वह सोमवार शाम को घर से निकल गया और माहरापारा के जंगल जा पहुंचा और फांसी लगाकर उसने आत्महत्या कर ली.
लड़की ने अपने परिजनों को कसूरवार ठहराया
मृतक बादल की मौत की खबर परिजनों की मिली तो घर पर मातम छा गया. सूचना मिलते ही मां सोमड़ी बाई गांव वालों के साथ मौके घटनास्थल पर पहुंची. इसी दौरान मृतक की प्रेमिका भी पहुंच गई थी. जो काफी देर तक प्रेमी के शव से लिपटकर रोती रही. बताया जा रहा है कि उसने इस आत्महत्या के पीछे अपने परिजनों को कसूरवार ठहराया है. वहीं पुलिस को सूचना मिलते ही कुआकोंडा पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा दिया.
