उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली गंगा नदी पर 1710.77 करोड़ की लागत से बन रहा फोरलेन पुल रविवार शाम 6.15 बजे अचानक भरभराकर गंगा नदी में समा गया. यह पुल अगुवानी से सुल्तानगंज के बीच बन रहा था. इस पुल का पिलर संख्या 10, 11, 12 और निर्माणाधीन आधा 13 नंबर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया. तीनों पिलर एक-दूसरे से लिवर से जुड़े थे. इसके 120 से अधिक स्पैन ढहे हैं.

मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से मामले की विस्तृत जानकारी ली है. पुल के सुपर स्ट्रक्चर गिरने की घटना की विस्तृत जांच कराने के बाद दोषियों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. इसको लेकर नीतीश सरकार बीजेपी के निशाने पर आ गई है. इस मुद्दे पर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है. वहीं, इस मामले को लेकर सुल्तानगंज सहप्रभारी सीओ अमित राज ने कहा किह हमने घटना के तुरंत बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर भेजी थी. यहां एसडीआरएफ की चार नाव सारी तरफ खोज कर रही है. किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
इससे पहले पिछले साल, 29 अप्रैल की रात आंधी आने के कारण पिलर संख्या पांच से चार और छह को जोड़ने वाले सुपरस्ट्रक्चर के 36 स्पैन गिर गए थे. एक साल बाद भी वह काम दोबारा शुरू नहीं हो पाया है. इसकी जांच आईआईटी रुड़की की टीम द्वारा की जा रही है.
सुल्तानगंज-अगुवानी पुल का निर्माण कार्य आठ साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है. अभी पुल निर्माण शुरू होने के बाद आठ वर्ष से अधिक का समय बीत गया है. पुल 2019 में ही बनकर तैयार होना था. अंतिम डेडलाइन 31 दिसंबर, 2023 की दी गई थी. अब पुल निर्माण में दो-तीन साल का विलंब होने की आशंका है.
#WATCH | Under construction Aguwani-Sultanganj bridge in Bihar’s Bhagalpur collapses. The moment when bridge collapsed was caught on video by locals. This is the second time the bridge has collapsed. Further details awaited.
(Source: Video shot by locals) pic.twitter.com/a44D2RVQQO
— ANI (@ANI) June 4, 2023
