बीएसपी अनाधिशासी यूनियन सेल की पहली यूनियन है जिसने पूरे दस्तावेजो के साथ प्रधानमंत्री, इस्पात मंत्री, श्रम मंत्री, इस्पात सचिव, तथा डीपीई सचिव के पास वेज रीविजन को जल्द पूर्ण कराने हेतु 28 पृष्ठ का पत्र सह दस्तावेज भेजा है.

पत्र मे यूनियन पदाधिकारियों ने सवाल उठाया है कि क्या कारण है कि सिर्फ सेल मे ही वेतन समझौता लंबित है बाकि सभी पीएसयू मे कब का वेज रीविजन पूर्ण लाभ के साथ पूरा हो गया तथा उसके सभी कर्मचारियों को एरियर सहित सभी बढ़े हुए लाभो का भुगतान भी हो गया है.
पिछला पूर्ण एनजेसीएस मिटिंग 19 जुलाई 2022 को होने के बाद अभी तक कोई भी फुल एनजेसीएस मिटिंग नही बुलाई गई है. जिसके कारण कर्मचारियो का वेतन समझौता 77 माह बाद भी अधूरा है.
पत्र के माध्यम से डीपीई सचिव से अनुरोध किया गया है कि वह डीपीई द्वारा युनियनाईज्ड वर्कमैन का वेज रीविजन हेतु दिए गए गाईडलाईन का सेल मे भी पालन कराए. वही श्रम मंत्री से अनुरोध किया गया है कि सेल तथा एनजेसीएस नेताओ की भूमिका की जाँच करे कि कर्मचारियो का प्रतिनिधित्व करने के नाम पर किस तरह अधिकतर नेता जबरदस्ती का प्रतिनिधि बने हुए है.
वही इस्पात मंत्री तथा इस्पात सचिव को भेजे पत्र मे यूनियन ने दस्तावेजी सबूतो के आधार पर खुलासा किया है कि किस तरह सेल कर्मचारियो के वेतन समझौता मे इस्पात मंत्रालय को गुमराह किया गया. एक ही कंपनी मे कार्य करने वाले कर्मचारी और अधिकारी वर्ग के बीच किस तरह भेदभाव किया गया? सभी पक्षो से यूनियन ने माँग किया है कि एनजेसीएस मे 5 मे से मात्र तीन यूनियनो की सहमती से किए गए MOU का कोई भी कानूनी आधार नही है अतः प्रधानमंत्री जी खुद हस्तक्षेप कर इस्पात मंत्रालय को निर्देश दे कि बाकि महारत्ना तथा सेल अधिकारियो के तर्ज पर 15% MGB, 35% पर्क्स के साथ साथ 2007 से 9% पेंशन लाभ तथा फिटमेंट एरियर और पर्क्स एरियर का पुर्ण भुगतान सेल कर्मचारियों को कराने हेतु इस्पात मंत्रालय पहल करे.
- हम झंडा ढ़ोने, प्रदर्शन करने के लिए सेल मे नियुक्त नही हुए है. जिस तरह कंपनी के उत्पादन लाभ मे हमारा श्रम शामिल है उसकी लाभ मे हिस्सेदारी भी हमारा हक है. हम कर्मचारियो ने निजी लाभ के लिए यूनियन नही बनाया है. भिलाई के सभी कर्मचारी मासिक सदस्यता राशि के रुप मे अगर निरंतर सहयोग करते है तो यूनियन अंत मे न्यायालय की शरण मे जाकर कर्मचारियो का अधिकार ले कर रहेगी.
अमर पटेल
