छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न नगरीय निकाय क्षेत्रो में आम जनता के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध कराने दिशा में करोड़ों रूपये खर्च वाटर एटीएम लगाए गए और पानी की एवज में कुछ ही रूपये देना पड़ता है. किंतु इसकी देखरेख की अभाव से कई वाटर एटीएम खराब हो गए है. अधिकांश त्वरित जलापूर्ति मशीनें (एटीएम) रख-रखाव के अभाव में खराब पड़े हुए है. इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के सरकारी मंशा भी विफल दिखाई दे रही है.


छत्तीसगढ़ के प्रधान लेखाकार (लेखाधिकारी) ने प्रदेश के नगरीय प्रशासन व विभाग से इस सम्बंध में जानकारी मांगा है. प्रदेश भर के वाटर एटीएम में कितने रुपये खर्च हुए है, उसका कितना लाभ मिला, कितने मशीन से लोगों को पानी मिल रहा है और कितने खस्ताहाल या बंद पड़े है. आदि सवालों के जवाब विभाग के मुख्य अभियंता से महालेखाकार ने मांगा है. इसके एवज में संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी नगरीय निकाय के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से इस सम्बंध में जानकारी मांगी है.
