भिलाई- आदिवासी मातृशक्ति संगठन ने साहसी राणी हिराई को याद करते हुए उसके जयंती पर चंद्रकला निवास में आयोजन किया गया. सर्व प्रथम हिराई आत्राम के तस्वीर पर पुष्प अर्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया.
चन्द्रकला तारम ने अपने उद्बोधन में कहा कि आप सभी जानते है कि भारत में मुमताज के लिए शाहजहाँ ने ताजमहल बनवाया था, लेकिन बहुत कम ही लोग जानते है कि गोंड रानी हिराई आत्राम ने अपने पति की याद में भव्य समाधि बनाई थी. ऐसी रानी हिराई आत्राम जिसने अपने बुद्धि कौशल से अनेक विद्रोह को समाप्त कर दिया, जो इतिहास में जिक्र तक नहीं ऐसे ही कितने वीर वीरांगनाएं हैं छुपा दिया गया. महारानी फुलकुंवर, झलकारी बाई, सावित्रीबाई फुले, रानी दुर्गावती है. उन्होंने कहा कि हमारे महापुरुषों ने स्वतंत्रता संग्राम के लिए लड़ाई लड़ी, डाॅ अम्बेडकर ने देश को लोकतंत्र का संविधान दिया पर हम लोग जाति में जकड़ कर रख रहे हुये हैं और कहते हैं कि जाति है कि जाती नहीं.

नीरा डहरिया ने कहा कि हमारे महापुरुषों को जानना अति आवश्यक है भले ही कार्य कठिन हो लेकिन हम जन-जन में जागरुकता लायेंगे. दिनेश्वरी भुआर्य ने कहा कि आज हमारे बच्चे विज्ञान की ओर बढ़ रहें हैं और मताएं पाखंडवाद में लिप्त माताओं को अपने महापुरुषों को जानना, समझना होगा क्योंकि परिवर्तन समाज की धुरी है नारी शक्ति. कलादास ने कहा कि पूंजीपतियों के कारण लोकतंत्र मुसीबत में है हर इंसान की स्वतंत्रता खो रही है. हमारी सामाजिक एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है. इस तरह का आयोजन हर वार्ड में होना चाहिए.
इस अवसर पर पुष्पलता नेताम, चन्द्रकला तारम, नीरा डहरिया, दिनेश्वरी भुआर्य, लोकेश्वरी ध्रुव, बबीता ठाकुर, सेवती ठाकुर, चंद्रभान सिंह ठाकुर, कलादास डहरिया, रजक इत्यादि उपस्थित थे.
