पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्य जांच के लिए शनिवार देर रात कॉल्विन अस्पताल ले जाते समय माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मेडिकल कॉलेज के पास मीडिया कर्मी बनकर आए बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. घटना की सूचना पर पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया. खबर लिखे जाने तक मौके पर भारी फोर्स के साथ-साथ कई वरिष्ठ अफसर पहुंच गए थे. वहीं घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की उच्च स्तरीय जांच का आदेश दे दिया है. वहीं, उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है, और प्रयागराज में इंटरनेट बैन कर दिया गया है.

मेडिकल कॉलेज जाने के दौरान अतीक और उसका भाई पत्रकारों से बात कर रहे थे. अतीक का भाई गुड्डू मुस्लिम को लेकर कुछ कह रहा था. अशरफ अहमद ने कहा कि ‘मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम’ इसी बीच पत्रकारों के बीच में कुछ लोग आए और सबसे पहले अतीक पर हमला बोल दिया. हमलावरों ने सबसे पहले अतीक को गोली मारी, उसके बाद अशरफ को. दोनों मौके पर ही गिर गए और उनकी मौत हो गई. घटना के बाद हमलावरों ने तुरंत सरेंडर कर दिया. गोलीबारी में एक सिपाही भी घायल होने की सूचना है.
उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ चार दिन की पुलिस कस्टडी में थे. शनिवार को तीसरे दिन धूमनगंज थाने के लॉकअप में बंद अतीक व अशरफ से एटीएस ने हथियार तस्करी की बाबत पूछताछ की थी. रात लगभग साढ़े दस बजे जब दोनों को रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए कॉल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा था. तभी मीडियाकर्मी बनकर दो बदमाश बाइक से आए और फायरिंग करनी शुरू कर दी.
अशरफ किस गुड्डू मुस्लिम का कर रहा था बात
अतीक अहमद का भाई अशरफ जिस गुड्डू मुस्लिम को लेकर बात कर रहा था, वह उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी है. उत्तर प्रदेश की पुलिस उसकी तलाश कर रही है. बताया जा रहा है कि गुड्डू मुस्लिम हैंड ग्रेनेड बनाने में एक्सपर्ट है. गुड्डू मुस्लिम मुख्तार अंसरी, धनंजय सिंह, अभय सिंह समेत कई माफियाओं के साथ काम किया है. गुड्डू मुस्लिम पर आरोप है कि उमेश पाल की जिस जगह हत्या हुई थी, वहां पर उसी ने बम फेंका था. गुड्डू मुस्लिम की पहचान अतीक अहमद के राइट हैंड की तौर पर किया जाता है. जानकार बताते हैं कि गुड्डू मुस्लिम अतीक अहमद का एक रिमोट ट्रिगर था. गुड्डू मुस्लिम को जरायम की दुनिया में हथछूट बमबाज के रूप में जाना जाता है.
