दुर्ग : दुर्ग जिले के ग्राम उतई निवासी 15 वर्षीय चंद्रकला ओझा ने गांव के ही तालाब में 8 घंटे तक लगातार तैरकर गोल्डन बुक आफ विश्व रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया है. वह रविवार को सुबह 5 बजे तालाब में उतरीं और दोपहर 1 बजे तक लगातार तैरती रहीं. मौके पर उपस्थित गोल्डन बुक आफ विश्व रिकार्ड टीम के सदस्यों ने उन्हें रिकार्ड बनाने का प्रमाण पत्र प्रदान किया.

दो रिकार्ड बने
चंद्रकला के कोच उनके चाचा ओम कुमार ओझा है. उन्होंने बताया कि रिकार्ड को दर्ज करने के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम 8 अप्रैल की रात को ही गांव पहुंच गई थी. रविवार सुबह टीम ने एक मोटर वोट में कैमरा लगाया. इसके बाद सुबह पांच बजे से चंद्रकला गांव के ही डोंगिहा तालाब में तैरने के लिए उतरी. टीम ने ओम कुमार ओझा को भी सबसे कम उम्र के कोच होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया.
हजारों लोग बने गवाह
रविवार को चंद्रकला द्वारा रिकार्ड बनाए जाने की चर्चा कई दिनों से चल रही थी. इसके चलते अलसुबह से ही उतई गांव के डोंगिहा तालाब के किनारे आसपास के गांव के लोग जुटने लगे थे. सुबह आठ बजे तक हजारों की संख्या में लोग पहुंचकर चंद्रकला की तैराकी देख रहे थे. लोगों में काफी उत्साह था.
चंद्रकला ने जैसे ही रिकार्ड तोड़ा, तालियों से उसका स्वागत किया गया. तालाब से बाहर निकलते ही उसे फूलमालाओं से लाद दिया गया. इसके बाद टीम के सदस्यों ने चंद्रकला को प्रमाणपत्र प्रदान कर शुभकामनाएं दी. चंद्रकला को बधाई देने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी उतई पहुंचे. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का पल है.
