नोएडा के फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. परिजनों का आरोप है कि कूल्हे की हड्डी में फैक्चर होने पर मरीज को भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने दिल का ऑपरेशन कर दिया. शव लेने से इनकार करते हुए परिजनों ने सेक्टर-58 थाना पुलिस से शिकायत की है.

वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को पहले से दिल की बीमारी थी. मरीज की हर अपडेट परिजनों को दी जा रही थी. जयपुर के रहने वाले दिनेश कुमार सक्सेना (66) को गिरने की वजह से कूल्हे में फैक्चर हो गया था. राजस्थान में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण वहां इलाज नहीं होने पर उन्हें लेकर नोएडा पहुंचे थे.
शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया था. मंगलवार को मरीज की एंजियोग्राफी की गई. मृतक के बेटे शुभम सक्सेना ने बताया कि उनके पिता की पहले दो बार एंजियोप्लास्टी हो चुकी थी. बुधवार सुबह तक उनकी हालत ठीक थी. सुबह उनकी एंजियोग्राफी कर दी गई.
शुभम का आरोप है कि डॉक्टरों ने कोई जानकारी नहीं दी. शाम करीब 4.30 बजे जब वे आईसीयू में पहुंचे तो उनके पिता अचेत अवस्था में पड़े थे. शक होने पर जब डॉक्टरों से पूछा गया तो शाम करीब पांच बजे मौत की जानकारी दी गई. परिजनोंं ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया. परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए अस्पताल पर कार्रवाई की मांग उठाई है.
अस्पताल ने दी ये सफाई
वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज को पहले से दिल और सांस की बीमारी थी. उनका शुगर बढ़ा हुआ था. कूल्हे की सर्जरी से पहले मरीज की हालत स्थिर करना जरूरी था. परिजनों को मरीज से संबंधित हर अपडेट दी जा रही थी. इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरती गई. परिजनों का आरोप निराधार है.
