मोहंती ने चिट फंड कंपनियों और सहारा क्रेडिट फर्म्स में निवेश करने वाले जमाकर्ताओं को राशि का भुगतान करने का निर्देश देने की मांग की थी. जस्टिस MR शाह और CT रविकुमार की बेंच ने कहा कि ये पैसा सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों की ओर से ठगी के शिकार डिपॉजिटर्स को लौटाई जाएगा.

सहारा समूह की कंपनियों में पैसे लगाने वालों के लिए बड़ी खबर है. सरकार ने उच्चतम न्यायालय का आदेश आने के बाद बीते बुधवार को कहा कि सहारा समूह की चार सहकारी समितियों के 10 करोड़ निवेशकों को उनका पैसा 9 माह में लौटाया जाएगा. उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया है कि 5,000 करोड़ रुपये की राशि को सहारा-सेबी रिफंड खाते से केंद्रीय पंजीयक को स्थानांतरित किया जाए. न्यायालय ने केंद्र सरकार की वह याचिका स्वीकार कर ली जिसमें जमाकर्ताओं को भुगतान के लिए सहारा समूह द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास जमा कराए गए 24,000 करोड़ रुपये में से 5,000 करोड़ रुपये केंद्रीय पंजीयक को स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया था.
सुप्रीम न्यायालय ने यह निर्देश पिनाक पानी मोहंती की जनहित याचिका पर केंद्र गवर्नमेंट की ओर से पंजीकृत एक आवेदन पर दिया है. मोहंती ने चिट फंड कंपनियों और सहारा क्रेडिट फर्म्स में निवेश करने वाले डिपॉजिटर्स को उनका पैसा वापस करने का निर्देश देने की मांग की थी. अब 9 महीने में निवेशकों को उनका पैसा वापस दिया जाएगा.
