पानी पुरी एक लोकप्रिय भारतीय स्ट्रीट फूड स्नैक्स है, जिसका भारत में लोग सदियों से आनंद ले रहे हैं. पानी पुरी का इतिहास प्राचीन काल से है और ऐसा माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति भारत के उत्तरी भागों में हुई थी. पानी पुरी भारत के अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी काफी लोकप्रिय है.

पानी-पुरी का इतिहास
पानी-पुरी के संबंध में कोई लिखित इतिहास तो उपलब्ध नहीं है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि पानी-पुरी की उत्पत्ति भारत में ही हुई थी. विशेषकर उत्तर भारत में पानी-पुरी सबसे पहले चलन में आई थी. कई इतिहासकारों का कहना है कि पानी-पुरी सबसे पहले बिहार में मगध साम्राज्य के दौरान चलन में आई थी, वहीं कुछ इतिहासकार इसे राज कचौड़ी का ही परिवर्तित रूप मानते हैं.
वहीं महाभारत में पानीपुरी के संबंध में कोई जिक्र तो नहीं मिलता है, लेकिन पौराणिक कथाओं में ऐसे संकेत मिलते हैं कि पानी पुरी का आविष्कार द्रौपदी ने किया था. पौराणिक कथा के मुताबिक जब द्रौपदी ससुराल पहुंची थीं, तब पांडव वन-वन भटक रहे थे और ससुराल पहुंचते ही द्रौपदी 5 पतियों की पत्नी बन गईं. जब पांडवों का विवाह हुआ था, तब वे वनवास में थी और संसाधनों की कमी के बीच अपना जीवन यापन कर रहे थे.
ऐसे में पांचों पांडवों की माता कुंती ने द्रौपदी की परीक्षा लेना चाहा कि कठिन परिस्थिति में वह घर संभाल पाएगी या नहीं. कुंती ने द्रौपदी को बची हुई सब्जी और सिर्फ एक पुरी बनाने जितनी आटे की लोई दी. साथ ही द्रौपदी से कहा कि कुछ ऐसी चीज बनाएं, जिसे पांच पांडवों की भूख शांत हो जाए. ऐसे में द्रौपदी ने तत्काल पानीपुरी बनाकर सभी की भूख शांत कर दी. कुंती को पानीपुरी का स्वाद इतना अच्छा लगा कि उसने इस व्यंजन को अमरता का आशीर्वाद दे दिया.
पानी पुरी देश में इन नामों से है लोकप्रिय
महाराष्ट्र-पानी पुरी
हरियाणा – पानी पताशी
मध्य प्रदेश – फुल्की
उत्तर प्रदेश – पानी के बताशे/पड़ाके
असम – फुस्का/पुस्का
गुजरात – पकौड़ी
ओडिशा, छत्तीसगढ़ – गुप-चुप
आंध्र प्रदेश, दक्षिण झारखंड, बंगाल, बिहार, नेपाल – पुचका
दिल्ली, पंजाब और पाकिस्तान – गोल गप्पा
ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में ‘पानी-पुरी’
सबसे खास बात ये है कि ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में इसे पानी-पुरी नाम से जोड़ा गया है. ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में पानी-पुरी शब्द 10 मार्च 2005 को जोड़ा गया था.
