कलेक्ट्रेट में स्थापित किया जा रहा काल सेंटर, शिकायतें दर्ज भी करा सकेंगे
औद्योगिक नीति के अनुरूप आर्थिक निवेश प्रोत्साहन जैसे स्टांप ड्यूटी में छूट, ब्याज अनुदान, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान, विद्युत शुल्क छूट, मंडी शुल्क से छूट इत्यादि अनुदान के नियम एवं प्रावधानों के मुताबिक पात्रता होगी

दुर्ग -रीपा में स्टार्टअप के इच्छुक उद्यमियों को दी जाने वाली जमीन के संबंध में नीति आ गई है. इच्छुक उद्यमियों को प्रथमतः अधिकतम 30 सालों की लीज पर जमीन दी जाएगी. रजिस्ट्री के एक वर्ष के भीतर ही ईकाई स्थापना का कार्य करना होगा. रीपा में स्थापित होने वाली यूनिटों के लिए औद्योगिक नीति के अनुरूप आर्थिक निवेश प्रोत्साहन के लिए स्टांप ड्यूटी में छूट, ब्याज अनुदान, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान आदि के प्रावधान लागू होंगे. कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने रीपा एवं अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के इच्छुक उद्यमियों के लिए यह अच्छा अवसर है और ऐसे उद्यमियों की काउंसिलिंग कर उन्हें रीपा में उद्यम के लिए तैयार किया जाएगा. आज समीक्षा बैठक में भिलाई निगम आयुक्त रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन, सहायक कलेक्टर लक्ष्मण तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
कलेक्ट्रेट में स्थापित किया जा रहा काल सेंटर, शिकायतें दर्ज भी करा सकेंगे, स्टेटस भी पता चलेगा
कलेक्ट्रेट परिसर में काल सेंटर स्थापित किया जा रहा है. इसमें अधोसंरचना का काम पूरा हो चुका है और शीघ्र ही इसमें कार्य संचालन आरंभ हो जाएगा. काल सेंटर के नंबर में लोग शिकायतें दर्ज करा सकेंगे. अपनी शिकायतों के निराकरण की स्थिति के बारे में जानकारी ले सकेंगे. जनदर्शन आदि में दिये गये आवेदनों पर हुई कार्रवाई के संबंध में जानकारी ले सकेंगे. यहां काल सेंटर में कार्य करने वाले दिव्यांग युवा रहेंगे. काल सेंटर के माध्यम से लोग शासकीय योजनाओं के संबंध में जानकारी भी ले सकेंगे. काल सेंटर के माध्यम से प्रशासन द्वारा विभिन्न अभियानों पर नागरिकों का फीडबैक भी लिया जाएगा ताकि शासकीय योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति को जान सकें. काल सेंटर के नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर होंगे.
1 अप्रैल से बेरोजगारी भत्ता के लिए आनलाइन आवेदन आमंत्रित- एक अप्रैल से बेरोजगार भत्ता योजना हेतु आनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है. इसके लिए सभी जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों में 5 से 6 ग्रामों एवं वार्डों का क्लस्टर तैयार किया गया गया है. प्रत्येक क्लस्टर में एक राजपत्रित अधिकारी एवं 3 अन्य अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है. इसके लिए सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.
यूनिसेफ तैयार कर रहा प्ले स्कूल के लिए कार्ययोजना
जिले में आरंभ होने वाले प्ले स्कूलों में छोटे बच्चों की रुचि के मुताबिक पढ़ाई होगी और खेल खेल में उनका पाठ्यक्रम पूरा होगा. इसके लिए यूनिसेफ कार्ययोजना तैयार कर रहा है. इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी.
