कंबोडिया : सोचिए जो शख्स कभी प्लेन पर चढ़ा नहीं. वो अगर प्लेन को ही अपना घर बना ले तो आप क्या कहेंगे. कंबोडिया के एक शख्स ने ऐसा ही किया है. चार्च पेउ नाम के एक व्यक्ति ने खेतों के बीच एक ऐसी इमारत खड़ी कर दी है, जिसे देखने के लिए और उसमें बैठने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं. इस घर में आने वाले टूरिस्टों के जरिए अब चार्च पेउ की कमाई भी हो रही है. चार्च पेउ यहां आने वाले और इसके साथ सेल्फी लेने वालों से 50 सेंट से 1 डॉलर चार्ज करते हैं.

सपनों का घर कुछ ऐसा बनाया
दरअसल यह कहानी एक ऐसे शख्स की है जो पेशे से मजदूर है. इस शख्स का नाम चार्च पेउ और वे कंबोडिया के रहने वाले हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपने सपनों का घर कुछ ऐसा बनाया है, जो किसी हवाई जहाज जैसा दिखता है. शख्स ने यह घर खुद बनाया है. इसमें दो बेडरूम और दो बाथरूम हैं. वो कहते हैं कि उन्होंने अपना सपना पूरा किया है. वो कहते हैं कि मैं कभी प्लेन में नहीं बैठा, मेरा सपना था कि मैं हवाई जहाज जैसा अपना एक घर बनाऊं, आज मैंने वो पूरा कर लिया है. मैं और मेरे परिवार वाले अब इसी घर में रहते हैं, हम इसी में सोते हैं, इसी में खाते हैं और इसी का बाथरूम इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने सपने के बारे में लोगों को बताया था तो लोगों ने कहा कि ये कभी पूरा नहीं होगा, लेकिन मैंने इसे पूरा किया. खास बात ये है कि यह शख्स खुद राज मिस्त्री का काम करते हैं.

कैसा दिखता है ये घर
देखने में ये घर एक दम प्लेन जैसा है. इसमें असली प्लेन की तरह दरवाजे हैं, खिड़कियां हैं और पूरा डिजाइन वैसा ही है जैसे एक प्लेन का होता है. इस घर में दाखिल होने के लिए वैसी ही सीढ़ी बनाई गई है, जैसी सीढ़ी असली प्लेन में दाखिल होने के लिए बनाई जाती है. पिलर पर खड़ा ये प्लेन की तरह दिखने वाला घर सबको अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. चार्च पेउ ने इसके चारो ओर पेड़ पौधों को भी लगा दिया है, जिससे वो और सुंदर लग रहा है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस घर पर करीब 20 हजार डॉलर्स यानी करीब 17 लाख रुपए का खर्च आया है.
बहुत से लोग वहां पहुंचते हैं
उन्होंने खुद इस घर के बनने की कहानी बताई. उनका कहना है कि उन्होंने यह घर इसलिए बनाया है क्योंकि वह हवाई जहाज में उड़ना चाहते थे लेकिन उन्हें लगा कि वह अपना सपना पूरा नहीं कर पाएंगे तो उन्होंने ऐसा घर बना लिया. फिलहाल इस घर को देखने बहुत से लोग वहां पहुंचते हैं.
