भिलाई : बीएसपी के अग्निशमन विभाग में अभ्यास के दौरान करीब 20 फीट की ऊंचाई से प्रशिक्षु कर्मी नीचे खड़े फायर कर्मी के ऊपर गिर गया. इस हादसे में दोनों ही कर्मचारियों को चोटें आई हैं. 24 एवं 25 मार्च को होने वाली स्पर्धा के लिए अधिकारियों के द्वारा असुरक्षित ढंग से फायर कर्मियों के मध्य स्पर्धा कराई जा रही थी. जिसका दुष्परिणाम रहा कि दो फायर कर्मी घायल हुए हैं. मंगलवार देर रात तक भी फायर कर्मियों से अभ्यास कराया गया.

अग्निशमन दिवस की कर रहे थे तैयारी
भिलाई इस्पात संयंत्र के अग्निशमन विभाग में 14 अप्रैल को अग्निशमन दिवस मनाया जाता है. परंतु इसके पूर्व असुरक्षित ढंग से फायर कर्मियों के मध्य अधिकारियों के द्वारा ड्रिल प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाता है. इसी आयोजन की तैयारी में बुधवार सुबह करीब 9.15 बजे के करीब प्रशिक्षु फायर कर्मी संतोष कुमार साहू को तेज गति से 35 फीट ऊंची लेटर पर चढ़ने के लिए मजबूर किया गया. तेज गति से चढ़ते हुए संतोष का पैर फिसल गया. लगभग 20 फीट की ऊंचाई से संतोष लेटर को पकड़े खड़े फायर कर्मी दीपक कड़वे के ऊपर जा गिरा. दोनों फायर कर्मियों को इलाज के लिए सहयोगी कर्मचारियों द्वारा मेन मेडिकल पोस्ट ले जाया गया. जहां से उन्हें इलाज के लिए सेक्टर-9 अस्पताल में रेफर किया गया है.
फायर कर्मी सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों के द्वारा दबाव बनाकर जबरदस्ती अग्निशमन दिवस के नाम पर दो साहसिक ड्रिल कराई जाती है. खतरनाक ड्रिल के लिए सुरक्षा के मानक का भी ध्यान नहीं रखा जाता है. जिसके कारण माकड्रिल के लिए जबरिया जिन फायर कर्मियों को प्रदर्शन के लिए चुना जाता है. उनके द्वारा साफ तौर पर इस प्रकार के खतरनाक ब्रिज में भाग लेने से सीधा इनकार किया जाता है. कर्मियों की असहमति के बावजूद भी अधिकारियों के द्वारा दबाव बनाकर जबरिया इस प्रकार के प्रदर्शन कराए जा रहे हैं जो किसी न किसी रूप में फायर कर्मियों के लिए घातक साबित होते रहे हैं.
