भिलाई : भिलाई स्टील प्लांट की जमीन पर बन रहे निर्माणाधीन इंडोर स्टेडियम की दीवार गिरने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. कांग्रेसी पार्षद लक्ष्मी पति राजू द्वारा इंडोर स्टेडियम बनवाया जा रहा है. हवा का झोका लगते ही दीवार गिरने पर सांसद विजय बघेल ने भिलाई स्टील प्लांट जिला प्रशासन, नगर निगम को घेर लिया है. भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच की मांग कर दी है. पुलिस से एफआइआर दर्ज कर आरोपितों पर कार्रवाई करने की मांग की है.

शनिवार सुबह बारिश और हवा के चलते सेक्टर-7 का निर्माणाधीन इंडोर स्टेडियम की दीवार गिर गई है. दरअसल नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा अवैध रूप से सेक्टर-7 में इंडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है, निर्माणधीन बैडमिंटन कोर्ट को बीएसपी द्वारा अस्थायी निर्माण हेतु NOC दी गयी थी, जिसकी अवधि अक्टूबर 2022 में समाप्त हो गई थी. वर्तमान में अवैध रूप से इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा था, जिसके लिए भिलाई नगर निगम को नवम्बर 2022 तथा फरवरी 2023 में नोटिस सर्व कर सेक्टर-7 मार्केट के समीप बैडमिंटन कोर्ट के नाम पर किये जा रहे अवैध निर्माण को तत्काल बंद करने को कहा गया था.
इंडोर स्टेडियम की दीवार गिरने का मामला आरटीआई एक्टिविस्ट बी. नागेश्वर राव, बीएसपी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने सांसद विजय बघेल तक पहुंचाया. सूचना मिलते ही सांसद मौके पर पहुंचे और बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज अनिर्वान दासगुप्ता, कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा, भिलाई निगम के आयुक्त और एसपी को फोन किया. सांसद विजय बघेल ने कहा – बीएसपी सबसे बड़ा जिम्मेदार है. कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं. इंडोर स्टेडियम की एनओसी लिए बगैर कैसे निर्माण कराया गया. बीएसपी कर्मचारी जब छोटा सा निर्माण करते हैं तो बड़ी कार्रवाई की जाती है. सेक्टर 7 में अवैध निर्माण करा लिया गया है. इस पर क्यों खामोशी है.
सांसद ने निगम आयुक्त को फोन कर कहा आपने कैसे बिना अनुमति ये बनवाया. इसकी जांच कौन करता है. इसके बाद एसपी को फोन कर सांसद ने कहा कि आप मामले को संज्ञान में लेकर इस पर कानूनी कार्रवाई करें. इसके बाद टीआई और तहसीलदार भी पहुंची.
बीएसपी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष उज्जवल दत्ता ने बताया कि इंडोर स्टेडियम के लिए एनओसी नहीं ली गई है. ओपन ग्राउंड के लिए एनओसी ली गई थी. लेकिन यहां अवैध रूप से निर्माण होने की शिकायत पर संपदा न्यायालय ने एक्शन लिया है. कोर्ट ने 17 तारीख को भिलाई निगम का पक्ष जानने के लिए बुलाया था. लेकिन, निगम के जिम्मेदार कोई नहीं आया. इसके एक दिन बाद ही इंडोर स्टेडियम की दीवार गिर गई.
