प्राथी पति ही निकला हत्यारा
राहुल गौतम राजनांदगांव- हत्या का गुत्थी पुलिस चौकी मोहारा थाना डोंगरगढ़ ने 24 घंटे के अंदर सुलझा लिया है. अपनी ही पत्नी का हत्या कर पुलिस को गुमराह करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह पूरा मामला ग्राम बिजनापुर में पति ने पत्नी का हत्या कर, पत्नी द्वारा स्वयं आत्महत्या करने की बात बताकर लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा. मामले 10.03.2023 को प्रार्थी संदीप वर्मा पिता ओमकार वर्मा उम्र 30 साल निवासी ग्राम बिजनापुर ने पुलिस चौकी मोहारा ने सूचना दर्ज कराया कि उसकी पत्नी मीना वर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, कि रिपोर्ट पर मर्ग क. 16/23 धारा 174 जाफो के तहत मर्ग कायम कर जांच में लिया गया, जांच में मामला नवविवाहिता होने से मर्ग की जांच न्यायिक दण्डाधिकारी डोंगरगढ़ विजय साहू से करायी गई एवं शव को पीएम कराने भेजा गया, मामले में मृतिका के माता पिता द्वारा न्यायिक दण्डाधिकारी के समक्ष दिये गये कथन में अपनी लड़की मीना की हत्या उसके पति संदीप वर्मा द्वारा ही किये जाने की आशंका व्यक्त किये थे. मृतिका के कराये गये पीएम रिपोर्ट में डॉक्टर द्वारा भी मृतिका की हत्या होना लेख किये जाने से Crime No 137/2023 धारा 302 भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया. घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की गिरफ्तारी यथाशीघ्र किये जाने के निर्देश पर अति पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं एसडीओपी प्रभात पटेल एवं थाना प्रभारी सुरेन्द्र स्वर्णकार के मार्गदर्शन पर चौकी प्रभारी मोहारा पिल्लुराम मंडावी एवं उनकी टीम द्वारा आरोपी एवं उसके परिजनों से गहन पूछताछ किया गया, आरोपी पति संदीप वर्मा द्वारा पत्नी से घरेलू बातों को लेकर वाद-विवाद होने से मारपीट किया, जिससे मृतिका के आंख के भव और माथे के पास चोटें आयी, वाद-विवाद ज्यादा बढ़ने से आरोपी अधिक आवेश में आकर नायलोन की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दिया गया.
आरोपी आरोप से बचने के लिये, पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, कहकर पुलिस को गुमराह करता रहा, जिससे पुलिस द्वारा बारीकी से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने से घटना करना स्वीकार करते हुए अपनी पत्नी का नायलोन की रस्सी से गला घोटकर हत्या करना स्वीकार किया. आरोपी का गवाही के समक्ष मेमोरंडम कथन लिया गया जो घटना में प्रयुक्त रस्सी को किचन से निकालकर पेश करने पर समक्ष गवाहन जप्त कराया गया. मामले में आरोपी द्वारा साक्ष्य छुपाये जाने का आशय पाये जाने से धारा 201 भादवि जोड़ी गई.
आरोपी के विरूद्ध प्रयाप्त साक्ष्य सबुत पाये जाने पर आरोपी को गिरफ्तारी का कारण बताकर गिरफ्तार किया गया, जिसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजी गई. प्रकरण में त्वरित कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार करने में चौकी प्रभारी उप निरी. पिल्लुराम मंडावी, सउनि महेन्द्र यादव, प्रा.आर. सियाराम, ताज खान, मनोहर सिन्हा, महेन्द्र साहू, आरण सुरेन्द्र रामटेके, परमानंद बोगा, शिवलाल वर्मा, मनीष सोनकर, म्हन सिन्हा, आनंद देवाले, शाहिद अंसारी की सराहनीय भूमिका रही.
