आज देशभर में होलिका दहन का त्यौहार मनाया जाएगा. रंग- गुलाल खेलने से एक दिन पहले होलिका जलाई जाती हैं. लेकिन आप शायद ही जानते होंगे कि इस राख के कई फायदे हैं. ऐसा माना जाता हैं कि जिस प्रकार दीपावली में दीपों की उष्णता व तैल की गंध से चातुर्मास्य के संचित कीटाणुओं का नाश होता है, उसी प्रकार शीतकाल में संचित कीटाणुओं का नाश होलिका जलने से उत्पन्न गहरे अग्निताप व अबीर-गुलाल आदि की गंध से होता है. गाना, हॅसना और तेज आवज में बोलने से गले का व्यायाम होता है एंव गुलाल-अबीर आदि का गले में जाना फेफड़ों व गलें में अवरूद्ध कफ की निवृत्ति में उपयोगी.

आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए
होली जलने के अगले दिन सुबह-सुबह होलिका की राख (सात चुटकी भरके) घर ले आएं. आर्थिक तंगी को दूर करने में होलिका की राख काफी असरदार मानी जाती है. होली की राख को एक लाल कपड़े में बांधकर और उसके साथ 7 सफेद कौड़ियां लेकर अपने घर की तिजोरी या फिर धन के स्थान में रख दें. ऐसा करने से आपके घर में कभी पैसों की कमी नहीं होती है और मां लक्ष्मी भी प्रसन्न रहती हैं.
