बिलासपुर : अचानकमार टाइगर रिजर्व के केंवची बफर क्षेत्र में गश्त के दौरान पैदल गार्ड को बाघ दिखाई दिया. दरअसल वह यहां लगे ट्रैप कैमरे से चिप निकालने के लिए गया था. उसने लौटकर वन अफसरों को इसकी जानकारी दी. बाद में जब चिप को कंप्यूटर में अपलोड किया गया, तो उसी बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद मिली. प्रबंधन इससे खुश है. दरअसल 10 दिन के भीतर दूसरी बार प्रत्यक्ष रूप से बाघ दिखा है. इससे टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने की उम्मीद भी जगने लगी है.

अचानकमार टाइगर रिजर्व को लेकर हमेशा यह कहा जाता है कि यहां बाघ नहीं है यदि होंगे भी तो संख्या बहुत कम है. बाघ नहीं होने का आकलन धीरे- धीरे झूठा साबित होने लगा है. क्योंकि बीच-बीच में बाघों को प्रत्यक्ष रूप से देखने की बात सामने आ रही है. 10 दिन पहले जल्दा में एक पर्यटक ने बाघ देखा था. इसकी जानकारी उन्होंने बैरियर में दर्ज कराई थी. बैरियर के रजिस्टर में उस जगह का भी जिक्र है. हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर बाघों के लोकेशन को गोपनीय रखा गया.
सोमवार को फिर से नई जगह केंवची बफर क्षेत्र में बाघ नजर आया है. इस बार बाघ वन अमले को नजर आया. एक तालाब के किनारे बाघ आराम से बैठा हुआ था. पैदल गार्ड ने उसे देखा और आकर वन अफसरों को जानकारी दी. इसके साथ ही ट्रैप कैमरे से वनकर्मियों ने जो चिप लाया था, उसे कंप्यूटर में सेव कर देखा गया. इसमें बाघ की तस्वीर आई है.
टाइगर रिजर्व प्रबंधन अब यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है कि बाघ अचानकमार टाइगर रिजर्व का है या किसी दूसरे टाइगर रिजर्व से यहां तक पहुंचा है. पहचान के लिए ही तस्वीर दिल्ली टाइगर सेल को भेजी गई है. वहां दो-तीन दिनों में सही जानकारी आ जाएगी.
