अब तक 3252 नशेड़ी चालकों इस साल अब तक 3,252 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ
रायपुर- रायपुर की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से रायपुर पुलिस कमिश्नरेट इन दिनों ‘सख्त एक्शन मोड’ में नजर आ रही है. पुलिस कमिश्नर और प्रभारी पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) के कड़े निर्देशों के बाद, शहर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ एक व्यापक और निरंतर विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 (Motor Vehicles Act) के तहत इस साल अब तक 3,252 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की है.
बीती रात शहर के 9 प्रमुख पॉइंट पर रही कड़ी नाकेबंदी
अभियान के तहत 20 मई 2026 की रात को एडीसीपी यातायात डी आर पोर्ते के नेतृत्व में यातायात अधिकारियों और जवानों की अलग-अलग टीमें गठित की गईं. टीम ने शहर के बेहद व्यस्त रहने वाले 9 प्रमुख स्थानों— तेलीबांधा चौक, पचपेड़ी नाका चौक, भांठागांव चौक, टाटीबंध चौक, कालीबाड़ी चौक, जय स्तंभ चौक, भनपुरी चौक और पंडरी थाना के सामने सघन चेकिंग अभियान चलाया.
कार से लेकर भारी ट्रकों तक पर हुई कार्रवाई
रातभर चली इस विशेष चेकिंग के दौरान पुलिस ने कुल 61 वाहन चालकों को शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी चलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा. जब्त किए गए वाहनों में रईसजादों की 32 कारें, 15 मोटर साइकिल, 8 टाटा एस, 2 मेटाडोर और 4 बड़े ट्रक शामिल हैं. पुलिस ने इन सभी के खिलाफ चालानी कार्रवाई कर दी है और इन मामलों को आगे की सख्त सजा व जुर्माने के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा.
आम नागरिकों से अपील –
कमिश्नरेट पुलिस रायपुर सभी वाहन चालकों एवं नागरिकों से अपील करती है कि वे सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं.
निम्नलिखित यातायात नियमों का विशेष रूप से पालन करें—
- शराब पीकर वाहन न चलाएं.
- वाहन चलाते समय सीट बेल्ट एवं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें.
- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें.
- निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) का पालन करें.
- ट्रैफिक सिग्नल, संकेतक एवं पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें.
- नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति न दें.
- वाहन चलाते समय धैर्य रखें और अन्य वाहन चालकों के प्रति संवेदनशील रहें.
यातायात पुलिस द्वारा शहर में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसे विशेष अभियान आगे भी निरंतर चलाए जाएंगे, ताकि सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित की जा सके.
