महासमुंद : महासमुंद के बागबाहरा क्षेत्र में आश्रम के सेवादारों ने भोग लगाने को लेकर मामूली विवाद के चलते एक किशोरी के साथ जलती लकड़ी से मारपीट की. जिससे नाबालिग गंभीर रुप से घायल हो गई. बुधवार को उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. जय गुरुदेव मानस आश्रम पतेरापाली के आश्रम संचालक रमेश ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. बागबाहरा पुलिस ने तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. आरोपितों के खिलाफ हत्या का प्रयास के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना में लिया है.

इस मामले की शिकायत पीड़िता के भाई ने बागबाहरा थाने में की है. पुलिस ने तीन आरोपी नरेश पटेल, भोजराम साहू, राकेश दीवान के खिलाफ मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पीड़िता के भाई मनीष सिन्हा ने पुलिस को बताया कि उसकी छोटी बहन दो तीन दिनों से जय गुरुदेव मानस आश्रम पतेरापाली आई हुई थी, जहां भोग लगाने के नाम पर सेवादारों ने मेरी बहन के साथ मारपीट, गाली गलौज की और जान से मारने की नियत से जलती लकड़ी उसके मुंह में डाल दिया. गंभीर रूप से घायल बालिका को बागबाहरा के चंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
नाबालिग के साथ आश्रम में हुए अत्याचार के खिलाफ कलार समाज गुस्से में है. समाज का एक प्रतिनिधिमंडल महासमुंद पुलिस अधीक्षक से मिला. उन्होंने आश्रम और संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी.
कलार सिन्हा समाज ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
पीड़िता के भाई ने बताया, बहन के मुंह, जीभ, तालु, गला, पैर, जांघ, पीठ और दोनों भुजा जल गया है. इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ डडसेना कलार सिन्हा समाज महासमुंद के जिला संयोजक ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग लेकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा. इस मामले मे पुलिस का कहना है कि विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच की जा रही है.
पीड़िता की हालत गंभीर
घटना की सूचना के बाद पुलिस टीम लड़की का बयान लेने के लिए अस्पताल पहुंची. डॉक्टरों ने पीड़िता की हालत गंभीर बताई है. डाॅक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने के कारण लड़की की जान बच गई, अगर थोड़ी भी देर होती, तो उसकी मौत हो सकती थी. अभी भी लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है.
समाज के जिलाध्यक्ष नीरज गजेंद्र ने कहा कि तीन आरोपितों की गिरफ्तारी तो हुई है, लेकिन आश्रम की गतिविधियों का खुलासा नहीं हुआ है. उन्होंने आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया कि कहीं आश्रम में लोगों की धार्मिक आस्था का नाजायज लाभ तो नहीं लिया जा रहा है. उपचार के नाम पर ऐसे कितने लोगों को आश्रम के भीतर रखा गया है.
मालूम हो कि कलार समाज अभनपुर की नाबालिग लड़की को झाड-फूंक के बहाने पतेरापाली के उक्त आश्रम में रोककर सेवादारों ने अत्याचार किया है. लड़की और उसके स्वजनों को जान से मारने की धमकी और डरा-धमकाकर पुलिस में रिपोर्ट लिखाने से रोका गया.
आश्रम और संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को ज्ञापन सौंपा है. एसपी ने आश्वस्त किया कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा और उच्चाधिकारी की अगुवाई में आश्रम की गतिविधियां जांची जाएगी.
