सीहोर : मध्य प्रदेश के सीहोर में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान बदइंतजामी को लेकर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को एक करोड़ रुपए का नोटिस भेजा गया है. ये नोटिस मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी एक मां-बेटे ने भेजा है, जिसमें सीहोर कलेक्टर और एसपी भी शामिल है. अचानक एक करोड़ के नोटिस की बात सामने आते ही एक बार फिर पंडित प्रदीप मिश्रा का रुद्राक्ष महोत्सव चर्चा का विषय बन गया.

बता दें, कथावाचक प्रदीप मिश्रा द्वारा सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन किया गया था. 16 से 22 फरवरी तक आयोजित इस महोत्सव में देशभर से करीब 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहले दिन ही पहुंच गए थे. जिसकी वजह से यहां पर करीब 27 किमी. तक लंबा जाम लग गया था. जिसमें हजारों लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे. इसी जाम में इंदौर के रहने वाले शुभम शर्मा और उनकी मां विजया शर्मा बिना खाए-पीये घंटों जाम में फंसे रहे. जिसकी वजह से उन्होंने काफी परेशानी उठानी पड़ी, इसलिए उन्होंने उपभोक्ता फोरम में एक करोड़ रुपए का दावा ठोका है.
जानकारी के अनुसार इंदौर निवासी शुभम शर्मा और उनकी मां ने अधिवक्ता आनंद सोसरिया के माध्यम से सीहोर कलेक्टर, एसपी और पंडित प्रदीप मिश्रा को एक करोड़ रुपए के हर्जाने का नोटिस भेजा है. शर्मा का कहना है कि सीहोर में लगे जाम के कारण उन्हें व उनकी मां को करीब 20 घंटे से ज्यादा समय तक भूखे प्यासे रहना पड़ा, जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी हुई.
इस मामले में उनके अधिवक्ता का कहना है कि शुभम शर्मा और उनकी मां विजया शर्मा 16 फरवरी को राज्य उपभोक्ता फोरम में एक केस के चलते जा रहे थे, वे अलसुबह 6 बजे इंदौर से भोपाल के लिए निकले थे. उसी दिन पंडित प्रदीप मिश्रा के रुद्राक्ष महोत्सव के लिए लाखों लोग पहुंचे थे, इस कारण इंदौर-भोपाल मार्ग पर लंबा जाम लगा हुआ था जिसके चलते सैंकड़ों लोग इस जाम में फंसे थे, आष्टा और भोपाल रूट पर भी जाम लगा हुआ था. इस कारण शुभम शर्मा और उनकी माताजी को करीब 20 घंटे तक जाम में फंसा रहना पड़ा. इस कारण वे राज्य उपभोक्ता फोरम में समय पर मौजूद नहीं हो पाए.
अधिवक्ता ने कहा कि उनके पक्षकार को करीब 20 घंटे से अधिक जाम में फंसे होने के कारण परेशान होने के साथ ही प्रताड़ना भी झेलना पड़ी, उन्हें तेज धूप में बहुत परेशानी हुई. इस कारण मां-बेटे ने सीहोर के एसपी-कलेक्टर सहित पंडित प्रदीप मिश्रा पर 1 करोड़ रुपए का दावा किया है. उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान पुलिस-प्रशासन व्यवस्था नहीं संभाल पाया और न ही व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए कोई कदम उठाया गया, इस कारण हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. बच्चे, महिला, बुजुर्ग सभी इस जाम में काफी परेशान हुए थे.
