भगदड़ से 2 महिला की मृत्यु व 3 हजार लोग हुए बीमार
भिलाई : गुरूवार को मध्यप्रदेश के सिहोर में रुद्राक्ष लेने पहुंचे लगभग 10 लाख लोगों में छत्तीसगढ़ से भी अनेक श्रद्धालु भीड़ में भटक गए हैं. अब तक छत्तीसगढ़ के भिलाई सहित अन्य राज्य से तीन महिलाओं के लापता होने की खबर प्रशासन को मिली है. दुर्ग एसपी डाक्टर अभिषेक पल्लव ने बताया कि भिलाई की लापता महिला या उनके परिजनों से कोई ऐसी सूचना दुर्ग पुलिस को नहीं दी गई है. संभवत: मध्यप्रदेश प्रशासन या सिहोर पुलिस को भिलाई से गए लोगों के परिजनों ने जानकारी दी हो.

बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर एक दिन पहले ही श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष बांटना शुरू कर दिया गया था. गुरुवार को यहां करीब 10 लाख से ज्यादा लोग पहुंच चुके हैं और देखते ही देखते कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर बवाल मच गया है.
पिछले 14 घंटों से इंदौर भोपाल हाईवे पूरी तरह से जाम पड़ा है. भारी भीड़ के कारण अब तक 3 हजार लोगों के बीमार हो जाने, 2 महिला की मृत्यु और भिलाई छत्तीसगढ़ की 1 महिला सहित 3 महिलाओं के लापता हो जाने के समाचार मिले हैं. लापता महिलाओं में एक महिला छत्तीसगढ़ के भिलाई की, दूसरी राजस्थान के गंगापुर और तीसरी महाराष्ट्र के बुलढाणा की रहने बाली है.

खबर मिली है कि कल सुबह 10 बजे तक 5 लाख श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष बांटे गए. एक दिन पहले भी डेढ़ लाख रुद्राक्ष बांटे गए थे. रुद्राक्ष बांटने 40 काउंटर बनाए गए हैं. लोग इस महोत्सव में लाखों की संख्या में पहुंचे हैं. आलम यह है कि प्रशासन से इतनी भीड़ संभाली नहीं जा रही है. लोगों को यहां दर्शन करने और रुद्राक्ष महोत्सव से रुद्राक्ष लेने के लिए धूप में 10-10 घंटे तक खड़ा होना पड़ रहा है, धूप में खड़े होने की वजह से लोगों को चक्कर आ रहे हैं, जिस कारण अब तक 3 हजार से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है.
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जो लोग कुबेरेश्वर धाम रुद्राक्ष के लालच में आ रहे हैं, तो वे न आए. टिकट कैंसिल करा लें. यहां आना है तो महादेव के लिए आए. उनसे क्या मिलेगा, उसकी लालसा में आओ. रुद्राक्ष के लिए आने की शेष आवश्यकता नहीं है.
हाईवे पर सुबह से देर शाम तक लंबा जाम लगा रहा. श्रद्धालु करीब 10 से 15 किमी पैदल चलकर धाम पहुंचे. बढ़ती भीड़ के कारण जहां 1 दिन पहले ही रुद्राक्ष वितरण शुरू कर दिया गया था, उसे अब रोक दिया गया है. सिहोर से जाने वाले श्रद्धालुओं को चौपाल पर ही वाहनों से उतार दिया गया और यहां से आगे गाड़ियों को रोक दिया गया है.
पुलिस और प्रशासन की टीम के अलावा आरएसएस, बजरंग दल, स्थानीय लोग, समिति सदस्य सहित कुल 15 हजार लोग व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं. इनकी तैनाती कथा पंडाल, भोजन पंडाल, रुद्राक्ष वितरण केंद्र पर की गई है. पैदल चलने वाले श्रद्धालु खेतों की पगडंडियों से होते कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं. धाम पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने श्मशान घाट पर ही अपना डेरा जमा लिया है.
