प्रदेश में बिजली की मांग गुरुवार को 5100 मेगावॉट के करीब जा पहुंची. पहली बार छत्तीसगढ़ में फरवरी के पहले ही पखवाड़े में बिजली की डिमांड में इतनी बढ़ोतरी हुई है. कुछ दिनों से बिजली की डिमांड 4800 से 4900 मेगावॉट के करीब थी. इससे अटकलें लगाई जा रही थीं कि फरवरी के आखिरी तक डिमांड 5 हजार तक पहुंचेगी. करीब 6.15 बजे डिमांड ने 5094 मेगावॉट के करीब जा पहुंची. 40 मिनट तक डिमांड 5 हजार मेगावॉट से 5200 के करीब बनी हुई थी. प्रदेश में गर्मी ने दस्तक दे दी है. गर्मी की दस्तक के साथ ही बिजली की डिमांड 5100 मेगावॉट तक जा पहुंची है.

फरवरी में कभी भी 4600 से पार नहीं हुई थी डिमांड
अब तक प्रदेश में कभी भी फरवरी के महीने में बिजली की डिमांड 4600 मेगावॉट से अधिक नहीं गई थी. फरवरी 2021 में अधिकतम डिमांड 4513 मेगावॉट, फरवरी 2022 में अधिकतम डिमांड 4664 मेगावॉट थी. पिछले साल सिर्फ सवा सौ मेगावॉट बिजली की डिमांड बढ़ी थी. इस बार यह 5100 के करीब जा पहुंची है. सीधे-सीधे 500 मेगावॉट का इजाफा देखने को मिला है.
प्रदेश में बिजली उत्पादन की कुल क्षमता 2840 मेगावॉट हैं. इसकी तुलना में एचटीपीपी, डीएसपीएम और मड़वा की एक इकाई से कुल 21 सौ मेगावॉट के आसपास बिजली बन रही है. जबकि 2900 मेगावॉट के करीब बिजली सेंट्रल सेक्टर से खरीदनी पड़ रही है. मड़वा की 500 मेगावॉट क्षमता की एक इकाई के बंद रहने से समस्या और बढ़ रही है.
