राजनांदगांव : पर्यावरण संरक्षण एवं शासन की योजना के क्रियान्वयन के लिये कुंज विहार कालोनी में कृष्ण कुंज का निर्माण किया गया है. जिसमें वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण के तहत विभिन्न प्रजाति के पौधे रोपित कर उद्यान का निर्माण किया गया है, वही नगर निगम द्वारा पाथवे, चेकर टाईल्स, ओपन जीम, विद्युतीकरण एवं पानी के लिये पाईप लाईन की व्यवस्था की गयी है. कृष्ण कुंज में रोपित पौधों की उचित देख-भाल के लिये निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने गत दिवस कुंज विहार कालोनी वासियों की बैठक लेकर कृष्ण कुंज में लगे पौधो के संरक्षण की कालोनी वासियों से अपील किये.

आयुक्त डॉ. चतुर्वेदी ने कुंज विहार कालोनी वासियों से अपील करते हुये कहा कि वन विभाग एवं नगर निगम द्वारा आपके कुंज विहार कालोनी में शासन मंशानुरूप कृष्ण कुंज का निर्माण किया गया है, जहां सर्वसुविधा युक्त उद्यान का निर्माण कर विभिन्न प्रजाति के पौधे लगाये गये है. उन्होंने कहा कि किसी भी उद्यान का रख रखाव नगर निगम या अन्य शासकीय विभाग द्वारा किया जाता है, लेकिन बिना जन भागीदारी के इसका संरक्षण करना एवं पौधों की देख भाल करना संभव नहीं है, क्योकि उद्यान में हर नागरिक चाहे वह बड़े बुढ़े व बच्चे हो सभी वहा मनोरंजन के लिये जाते है, इस लिये उनकी सहभागिता बहुत आवश्यक है.

आयुक्त डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि शासन की कृष्ण कुंज निर्माण का उद्देश्य लोगों को प्रकृति से हरियाली से जोड़ना है, आप लोगों के कालोनी में कृष्ण कुंज का निर्माण किया गया है, इसलिए आप सभी कालोनी वासी इस योजना का लाभ लेने, उद्यान एवं पौधे की देख-भाल करे और इसकों हरा भरा व सुंदर बनाने में महती भूमिका निभाये. उन्होंने कहा कि कृष्ण कुंज में हरियाली आने से कालोनी का वातावरण अच्छा होगा, जहां आप अपने परिवार के साथ आनंदमय जीवन व्यतीत कर सकते है. इसी के साथ मै आप सब लोगों से कृष्ण कुंज के पौधों को संरक्षित करने की अपील करता हूं.
कालोनी वासियों ने भी आयुक्त की पहल का स्वागत करते हुये कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमारे कालोनी में कृष्ण कुंज का निर्माण किया गया है. इसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिये हम संकल्प लेते हैै. इस अवसर पर कुंज विहार कालोनी के सर्वश्री श्रवण कुमार मिश्रा, देवेन्द्र गोस्वामी, कमल मोहोबे, सीमा डोल्हे, पी.एस. मरावी, आशीष चौधरी, जी.आर. बघेल, पी. एल. श्रीवास्तव, डी. पी. लोन्हारे सहित नगर निगम का अमला व कालोनीवासी उपस्थित थे.
