अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश
कबीरधाम- पुलिस ने थाना तरेगांव जंगल क्षेत्र में हुई डकैती की गंभीर घटना का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दो अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश की जा रही है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 11.9 किलोग्राम चांदी के जेवरात, घटना में प्रयुक्त बजाज पल्सर एन.एस. मोटरसाइकिल और 1,500 रुपये नगद बरामद किए हैं.
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधिकारी हेमसागर सिदार, अमित कुमार पटेल और अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन तथा थाना तरेगांव जंगल पुलिस की संयुक्त टीम ने इस त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया है.
जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 की शाम प्रार्थी वेदप्रकाश सोनी के साथ डकैती की घटना घटित हुई थी. घटना की सूचना मिलते ही थाना तरेगांव जंगल में अपराध क्रमांक 20/2026, धारा 309(6), 126(2), 115(2), 3(5) बी.एन.एस. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई. सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना से आरोपियों तक पहुंची पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तत्काल विशेष टीम गठित कर घटनास्थल एवं आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए गए. विवेचना के दौरान 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया गया तथा आसपास के 24 गांवों के 500 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई. साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों एवं अन्य गवाहों के कथन दर्ज कर तकनीकी साक्ष्य संकलित किए गए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया.
घटना में प्रयुक्त संदिग्ध मोटरसाइकिल के आवागमन एवं उसके मार्ग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई. आरोपियों की पहचान एवं पतासाजी के लिए मैदानी स्तर पर तीन अलग-अलग पुलिस टीमें लगातार कार्य कर रही थीं. वहीं साइबर टीम द्वारा अतिरिक्तपुलिस अधीक्षक श्री अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा था.
इसी दौरान मुखबिर से मिली महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर थाना पंडरिया एवं अन्य पुलिस टीमों द्वारा संदिग्ध निखिल कुर्रे एवं संजय भास्कर की पतासाजी की गई. पुलिस टीम को देखकर निखिल कुर्रे मोटरसाइकिल से भागने लगा, जिसका पीछा कर पुलिस ने ग्राम बिरकोना के पास उसे अभिरक्षा में लिया. पूछताछ एवं प्राप्त जानकारी के आधार पर संजय भास्कर तथा सचिन पात्रे को भी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई. आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों एवं निशानदेही पर तीनों आरोपियों से कुल लगभग 11.9 किलोग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए गए.
आरोपियों ने आपसी समन्वय से दिया था वारदात को अंजाम
आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों एवं विवेचना में सामने आए तथ्यों के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को सभी आरोपी पंडरिया स्थित देशी शराब भट्ठी के सामने एकत्रित हुए थे. इसके बाद वे दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों से तरेगांव क्षेत्र की ओर रवाना हुए. आरोपियों ने तरेगांव बाजार क्षेत्र में रहकर प्रार्थी की गतिविधियों एवं उसके आवागमन पर नजर रखी. जैसे ही प्रार्थी मोटरसाइकिल से वहां से निकला, आरोपियों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया. आगे मछरीरेवार मंदिर घाटी के ठीक पहले आरोपियों ने मोटरसाइकिल से रास्ता रोककर प्रार्थी एवं उसके साथ मौजूद व्यक्ति के साथ डंडे से मारपीट की तथा उनके पास रखे सामान एवं जेवरात लूटकर फरार हो गए.
लूटे गए जेवरात के बंटवारे एवं छिपाने के स्थान का हुआ खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि घटना के बाद वे लूटे गए सामान को लेकर मुंगेली पहुंचे, जहां चौपाटी के पास एकत्रित हुए. इसके बाद चांदी के जेवरात को बेचने के उद्देश्य से बिलासपुर जाने की योजना बनाई गई. आरोपियों ने लूटे गए जेवरात को आपस में बांटकर अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा था. पुलिस द्वारा तीनों आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से कुल लगभग 11.9 किलोग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं.
