3358 रुपये प्रति क्विंटल धान भुगतान की उठी मांग
1 नवंबर को वोट बचाओ, देश बचाओ रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में
रायपुर- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कवर्धा जिले में बैगा जनजाति के बच्चों की कुपोषण और एनीमिया से हुई मौतों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया. साथ ही, धान खरीदी में आदान सहायता के प्रावधानों को किसानों के साथ छलावा बताते हुए 3358 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से एकमुश्त भुगतान की मांग की.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कल हम और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया तथा आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव एवं अन्य स्थानीय नेताओं के साथ मैं कवर्धा के वनांचल क्षेत्र रेंगाखार के नंदनी कुमान गांव और बोडला उपस्वास्थ्य केंद्र गयेे थे. कवर्धा जिले के रेंगाखार वनांचल क्षेत्र में ग्राम नंदनी कुमान में पिछले दिनों कुपोषण और एनीमिया के कारण संरक्षित जनजाति बैगा समुदाय के 5 बच्चों की मौत हुई है. कुपोषण और एनीमिया से प्रभावित 13 बच्चे बोडला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती है. यही नहीं 10 से अधिक बच्चे जो कुपोषण और एनीमिया से पीड़ित है, अभी गांव में ही है वे इलाज हेतु स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं गये है. वहां पर स्थानीय निवासियों से बात करने पर पता चला कि पूरा क्षेत्र ही कुपोषण, एनीमिया और डायरिया तथा मलेरिया से पीड़ित है.
श्री बैज ने कहा कि पिछले साल भी इसी क्षेत्र में मलेरिया और डायरिया से बैगा जनजाति के लोगों की मौत हुई थी. नंदिनी कुमान और आसपास के गांव में आज भी पीने का साफ पानी नहीं है. मलेरिया से पिछले साल मौतों के बाद भी सरकार ने इलाके में न मलेरिया से, डायरिया से बचाव के लिए कोई अभियान नहीं चलाया, मेडिकेरेट मच्छरदानी नहीं बांटी गयी. मोदी जी टीकाकरण की बड़ी-बड़ी बात करते है लेकिन इस इलाके में टीकाकरण सही ढंग से नहीं हुआ है, वहां बच्चे खसरे की बीमारी से पीड़ित है. दीपक बैज ने कहा कि इतनी भयानक त्रासदी के बाद भी इस क्षेत्र में आज तक कोई भी प्रशासन का बड़ा अधिकारी, भाजपा सरकार का मंत्री वहां नहीं पहुंचा है. सुपोषण अभियान केवल कागजों और विज्ञापनों में सिमट गया है. यह क्षेत्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का निर्वाचन क्षेत्र है. बैगा संरक्षित जनजाति के लिए सरकार की विशेष योजनाएं है, उसके बाद भी यदि बैगा समुदाय के बच्चे कुपोषण का शिकार हो कर मौत के मुंह में समा रहे, बैगा समुदाय के नागरिकों की मलेरिया, डायरिया से मौत हो रही तो यह शर्मनाक है. आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के लिए भी आत्मचिंतन का विषय है कि उनके मुख्यमंत्री होने का फायदा आदिवासी समाज को क्या मिला?
उन्होंने कहा कि राज्य में जब कांग्रेस की सरकार थी तो सरकार ने अभियान चलाकर प्रदेश को कुपोषण से मुक्ति दिलाया था. डायरिया, मलेरिया से मौतों पर विराम लगा था, लेकिन 3 साल के भाजपा के राज में फिर वही हालात बन गये है. जिन बच्चों की कुपोषण से मौत हुई है उनके परिजनों को 10 लाख रू. मुआवजा दिया जाये. जो बच्चे कुपोषण के शिकार है और अभी गांव में है उनके इलाज, देखभाल के लिए गांव में ही कुपोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) खोला जाये.
धान का प्रति क्विंटल 3358 रू. के भाव से भुगतान हो, प्रति एकड़ आदान सहायता किसानो को ठगने की कोशिश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कल साय मंत्री मंडल ने फैसला लिया है कि किसानों को इस वर्ष धान खरीदी में मिलने वाली आदान सहायता एकड़ के हिसाब से गणना करके दी जायेगी. भाजपा ने चुनाव में वादा किया था कि किसान से 3100 रू. प्रति क्विंटल, प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से धान खरीदेंगे. आदान सहायता नहीं एकमुश्त भुगतान दिया जाये. प्रति एकड़ अदान सहायता का दावा सरासर झूठ है, किसान जितना धान बेचेगा उसी के अनुपात में अंतर राशि मिलेगी, रकबा समर्पण और फर्जी गिरदावरी करके कटौती अलग से की जायेगी. सरकार बताये कि क्विंटल का वादा प्रति एकड़ में क्यों बदला जा रहा?
एमएसपी वृद्धि किसानों का हक
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि वादे के अनुसार सरकार किसानों को धान की पूरी कीमत 3100+258 (जो तीन वर्ष में समर्थन मूल्य बढ़ा है) मिलाकर 3358 रू. का भुगतान किया जाये. जब कांग्रेस की सरकार थी तथा धान का समर्थन मूल्य 2018-19 में 1750 रू. था, तब भी हमारी सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 2500 रू. ही दिया था. 2023-24 में समर्थन मूल्य बढ़ा तो हमारी सरकार ने 140-160 रू. बढ़ाकर 2640 रू. प्रति क्विंटल के भाव से खरीदी किया था.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 2023-24 में धान का एमएसपी 2183 रुपए प्रति क्विंटल था, जिस पर राज्य सरकार 917 रुपए प्रति क्विंटल की दर से आदान सहायता देती थी, 2024-25 में एमएसपी 2300 रुपए प्रति क्विंटल हुआ, राज्य सरकार का आदान सहायता घटकर 800 रुपए प्रति क्विंटल हुआ, 2025-26 में धान की एमएसपी 2369 प्रति क्विंटल हुआ, तो राज्य सरकार का आदान सहायता घटाकर 731 रुपए प्रति क्विंटल कर दिए, 2026-27 में धान की एमएसपी बढ़कर 2441 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है, तो राज्य सरकार नें आदान सहायता राशि पुनः घटाकर मात्र 659 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है, अर्थात आदान सहायता की राशि जो 2023-24 में 917 रुपए प्रति क्विंटल थी 258 रुपए की कमी हो गई है, 21 क्विंटल के मान से यह राशि 5418 रुपए प्रति एकड़ होती है, यह सी कटौती सीधे तौर पर किसानों के हक में डकैती है.
प्रमुख मांगे
- किसानों को एकमुश्त धान का भुगतान 3358 रू. के भाव से किया जाये.
2. सभी ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान केन्द्र खोलकर धान बेचने के तुरंत बाद भुगतान किया जाये.
3. जिस भी किसान ने पंजीयन कराया है, उससे पूरे रकबे की 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी हो.
4. जबरिया रकबा समर्पण बंद कराया जाये. फर्जी गिरदावरी के आधार पर लिमिट कम करना बंद करें.
5. धान खरीदी की तिथि 15 नवंबर से घोषित है. दीपावली का त्योहार उसके एक हफ्ता पहले है. अतः पंजीकृत किसानो को अग्रिम भुगतान किया जाये, ताकि किसान दीपावली मना सके.
6. पिछला बकाया राशि 170 + बकाया एमएसपी वृद्धि 4366 कुल = 6066 करोड़ दीपावली के पहले किया जाये.
1 नवंबर को वोट बचाओ, देश बचाओ रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ‘‘वोट बचाओ, देश बचाओ’’ रैली रामलीला मैदान में आयोजित है. इस रैली में छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल होंगे. छत्तीसगढ़ से सभी जिलों के कार्यकर्ता टेªनों, बसों एवं वायु मार्ग तथा निजी वाहनों में दिल्ली रवाना होंगे. समूचे देश से 10 लाख से अधिक लोग मोदी और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेने दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचेंगे. छत्तीसगढ़ का हर नेता कार्यकर्ता, पदाधिकारी दिल्ली आवश्यक रूप से पहुंचेंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा एसआईआर के निरस्तीकरण और काटे गये वोटों की बहाली तक कांग्रेस का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा.
पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा, पूर्व महापौर एजाज ढेबर, संयुक्त महामंत्री अशोक राज आहूजा, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह, प्रवक्ता अजय गंगवानी, ऋषभ चंद्राकर उपस्थित थे.
