किराये के मकान में घुसकर महिला से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने वाला गिरफ्तार
रायगढ़ – कोतरारोड़ पुलिस ने महिला से छेड़छाड़ और धमकी देने के मामले में आरोपी संतोष चंद्रा उर्फ मंझला (30 वर्ष), निवासी ग्राम अरसिया, थाना जैजैपुर, जिला सक्ती को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए “अभियान संवेदना” चलाए जा रहे है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता 24 वर्षीय महिला ने 16 अक्टूबर 2026 को थाना कोतरारोड़ पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई. महिला ने बताया कि करीब एक माह पूर्व वह किरोड़ीमलनगर में किराये के मकान में रहती थी, जहां आरोपी संतोष चंद्रा भी किराये पर रहता था. इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी. बदनामी के डर से उस समय महिला ने शिकायत दर्ज नहीं कराई और अपने गांव चली गई थी.
पीड़िता के अनुसार, वह 9 अक्टूबर 2026 को वापस लौटकर अपने परिवार के साथ दूसरे स्थान पर रहने लगी थी. 10 अक्टूबर को आरोपी उसका पता तलाशते हुए उसके नए मकान तक पहुंच गया और मकान मालिक से अपनी बहन से मिलने आने की बात कहकर दरवाजा खटखटाने लगा. महिला ने दरवाजा नहीं खोला और अपने भाई को इसकी जानकारी दी. भाई के कहने पर मकान मालिक से संपर्क किया गया, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया.
पीड़िता ने आगे बताया कि 16 अक्टूबर की सुबह भी आरोपी चुपचाप उसके मकान में घुस आया. जब वह बाथरूम जा रही थी, तब आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की और घटना किसी को बताने पर उसके पति एवं बच्चों को जान से मारने की धमकी दी. महिला की लिखित शिकायत पर कोतरारोड़ पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की.
विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी संतोष चंद्रा उर्फ मंझला, पिता फागूलाल चंद्रा, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम अरसिया, थाना जैजैपुर, जिला सक्ती को हिरासत में लिया. आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में रिमांड हेतु पेश किया गया, जहां से जेल वारंट पर जेल भेज दिया गया.
आरोपी की पतासाजी, गिरफ्तारी एवं कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रिया साहू, सहायक उप निरीक्षक मनमोहन बैरागी तथा आरक्षक चंद्रेश पांडेय, भगत टंडन, मनोज यादव, अजय साय की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
