चेतन साहू हत्याकांड में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
दुर्ग जिला न्यायालय के प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने चेतन साहू हत्याकांड में कड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय ने हत्या, मारपीट और षड्यंत्र के मामले में दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है. यह सनसनीखेज घटना 29 दिसंबर 2024 की रात सिविल लाइन दुर्ग स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल के पास हुई थी, जहाँ गंभीर चोटें आने के कारण चेतन साहू की मौत हो गई थी.
रात में हुआ था जानलेवा हमला
सुपेला थाना पुलिस के अनुसार 29 दिसंबर 2024 को रात करीब 8.30 बजे चैतन साहू पर हमला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया. न्यायालयीन अभिलेखों के अनुसार, घटना में अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर हमला करनौर घातक हथियारों के इस्तेमाल का उल्लेख है. प्रकरण की विवेचना निरीक्षक केशव राम कोसले ने की जबकि सहायक जिला लोक अभियोजक संजय शुक्ला ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष की पैरवी की.
हत्या व षड्यंत्र में आजीवन कारावास
पुलिस के अनुसार, रोशनी उर्फ रोशलीन लकड़ा (19), कुलेश्वर साहू (19) और आकाश देशलहरा (19) को मामले में दोषी ठहराया गया है. न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (1)/190 और 61(2) के तहत आजीवन कारावास तथा प्रत्येक धारा में 500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई. इसके अलावा धारा 191(2) में दो वर्ष और धारा 191(3) व 118(1) में तीन-तीन वर्षों का कारावासव तथा प्रत्येक धारा में 500 रूपए अर्थदंड लगाया गया. सभी सजाए साथ-साथ चलेगी और न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी.
