पूर्व में MD और CMD जा चुके हैं जेल
बालोद- इलेक्ट्रिक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप तथा 100% कैशबैक का झांसा देकर 31 लाख 80 हजार रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी व CBK EV मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को बालोद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. इस मामले में कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) और अध्यक्ष (CMD) को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना के निर्देशन तथा एसडीओपी गुरूर माया शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सनौद निरीक्षक सोनसिंह सोरी के नेतृत्व में धोखाधड़ी के प्रकरण में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है.
जानकारी के अनुसार, प्रार्थी मनीष कुमार साहू, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम भानपुरी, थाना गुरूर, जिला बालोद ने दिनांक 05.05.2026 को थाना सनौद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इलेक्ट्रिक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप देने के नाम पर 31.80 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदकिशोर साहू (35) को बालोद पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है. आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. मामले में कंपनी पर 100 प्रतिशत कैशबैक का लालच देकर कारोबारी से रकम लेने का आरोप है. गुरुर क्षेत्र के भानपुरी निवासी मनीष कुमार साहू (27) ने 5 मई को सनौद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार, कंपनी के अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक स्कूटी, स्कूल वैन, लोडर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप दिलाने का भरोसा दिया था. इसके बाद मनीष ने 30 मई 2024 से अलग-अलग किस्तों में कंपनी के बैंक खातों में कुल 31.80 लाख रुपये जमा किए. रकम लेने के बाद कंपनी की ओर से उसे डीलरशिप का प्रमाणपत्र भी दिया गया था.
कारोबार शुरू करने के लिए मनीष ने ग्राम सनौद में दुकान किराए पर ली. शुरुआत में कंपनी ने उसे 11 इलेक्ट्रिक वाहन दिए, लेकिन गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण ये सभी वाहन वापस ले लिए गए. इसके बाद नए वाहन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया, मगर कंपनी ने इसे पूरा नहीं किया. पीड़ित ने जब अपनी रकम वापस मांगी, तो 6 सितंबर 2024 को केवल 1.45 लाख रुपये लौटाए गए. बकाया राशि के भुगतान के लिए दिए गए तीन चेक भी बैंक में बाउंस हो गए. पुलिस ने इस मामले में 19 सितंबर को कंपनी के प्रबंध निदेशक लोकेश द्विवेदी, निवासी कटघोरा, और अध्यक्ष पुरुषोत्तम साहू, निवासी सारंगढ़, को गिरफ्तार किया था. दोनों पहले से जेल में बंद हैं. वहीं, कंपनी का CEO नंदकिशोर साहू लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था. सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने उसे ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया है.
