उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई स्वामी आत्मानंद की जयंती
उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का लिया गया संकल्प
भिलाई- छत्तीसगढ़ में शिक्षा, अध्यात्म और जनसेवा की अलख जगाने वाले महान संत स्वामी आत्मानंद जी की जयंती आज मरोदा सेक्टर स्थित आत्मानंद उद्यान एवं खेल परिसर में बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई. ‘मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज’ एवं ‘छत्तीसगढ़ी कुर्मी क्षत्रिय समाज’ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस समारोह में ओ.ए. अध्यक्ष एवं सेफी अध्यक्ष नरेन्द्र बंछोर, वरिष्ठ पत्रकार लखन वर्मा और रिसाली निगम सभापति केशव बंछोर ने स्वामी जी के योगदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया.
इस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आमंत्रित किया गया था. इस समारोह में स्वामी आत्मानंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई. धर्म एवं अध्यात्म से लेकर सामाजिक क्षेत्रों में स्वामी जी के किए गए कार्यों को इस अवसर पर याद किया गया. साथ ही साथ छत्तीसगढ़ का नाम पूरी दुनिया में मशहूर करने के लिए स्वामी आत्मानंद जी ने जो आहूति दी उसके लिए भी उन्हें नमन किया गया.
सर्वप्रथम स्वामी आत्मानंद जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर उपस्थितजनों ने पुष्प अर्पित कर स्वामी जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसी कारणवश समारोह में उपस्थित न हो सके. लेकिन उनका संदेश आया कि स्वामी आत्मानंद जी का योगदान दिग-दिगंत तक अमर रहेगा. भूपेश बघेल ने कहा कि इन महान संत की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए उनकी सरकार में पूरे छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्थापना की, जहां स्वामी जी की मंशा के अनुरूप विद्यार्थी आज भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.

मुख्यअतिथि ओ.ए. अध्यक्ष एवं सेफी चेयरमैन नरेन्द्र बंछोर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने जो काम किया उसी को आगे बढ़ाने और मानवता के कल्याण के लिए स्वामी आत्मानंद जी ने अपने आप को समर्पित किया आज भी वे हमारे आदर्श हैं. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं छत्तीसगढ़ आजतक के वरिष्ठ संपादक लखन लाल वर्मा ने इस अवसर पर स्वामी आत्मांनद जी को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें स्वामी आत्मानंद जी का सानिद्ध्य प्राप्त हुआ और आज उन्हीं के आर्शीवाद की बदौलत छत्तीसगढ़ में धर्म एवं आध्यात्म की सरिता आज भी कल-कल बह रही है. साइंस कॉलेज रायपुर में अपने विद्यार्थी जीवन की याद करते हुए श्री वर्मा ने कहा कि तत्कालीन समय में स्वामी आत्मानंद ने उनके साथ ही अन्य विद्यार्थियों को देश एवं समाज सेवा के लिए प्रेरित किया. श्री वर्मा ने कहा कि वे उन्हीं की प्रेरणा से रायपुर में स्वामी विवेकानंद आश्रम की लाईब्रेरी में जाते रहे और संस्कारों की शिक्षा ग्रहण करते रहे. नारायणपुर का आदिवासी छात्रावास जिसकी स्थापना स्वामी आत्मानंद जी की प्रेरणा से हुई थी वह साक्षी है कि कितने ही आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर एवं अन्य बड़े-बड़े पदों पर जाकर इस आश्रम को गौरवान्वित किए. स्वामी जी ने राज्य में शिक्षा की क्रांति ला दी थी.
छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज, दुर्ग राज की राज प्रधान ईश्वरी वर्मा ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी आत्मानंद जी ने जीवन जीने की कला और जीवन मूल्यों पर अपना ध्यानकेंद्रित किया हमें आज उसी ही समझने की जरूरत है. सुख,शांति और आनंद से जीवन जीना ही उनका मूल उद्धेश्य था. आज हम उससे भटक रहे हैं.

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर पालिक निगम रिसाली के सभापति केशव बंछोर ने कहा कि स्वामी आत्मानंद सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को मानवता का संदेश दिए. हमें उनके बताए मार्गों पर सतत् आगे बढ़ते रहना है. श्री बंछोर ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी हमारे आदर्श पुरूष हैं. कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने स्वामी आत्मानंद के आदर्शों, सेवा भावना और सामाजिक योगदान को स्मरण करते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया. कार्यक्रम का संचालन संस्था के महासचिव विजेंद्र कुमार वर्मा ने किया तथा आभार प्रदर्शन संस्था के अध्यक्ष जनक वर्मा ने किया.

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी कूर्मि क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष संतोष पाटनवार, अनिता वर्मा, चंद्र कुमार वर्मा, कोमलराम धुरंधर, प्रदीप टिकरिहा, मधु वर्मा, प्रकाश बंछोर, गोपाल परगनिहा, सुधीर खिचरिया, सरजू वर्मा, मनहरण वर्मा, पवन चंद्राकर, राधेश्याम चंद्राकर, अजय चंद्राकर, दिनेश वर्मा, तुषार टिकरिहा पवन दिल्लीवार, कौशल वर्मा, अरूण बघेल, धरमपाल वर्मा, प्रेम मढ़रिया, अनिता वर्मा, पीला राम वर्मा, विजय वर्मा, चुम्मन देशमुख, जयप्रकाश देशमुख, कुबेर देशमुख, आई.एस. मनु, प्रेमलाल पिपरिया, अरुणी वर्मा, परमिंदर सिंह, सनीर साहू, मीडिया प्रभारी दुर्गेश बघेल, राकेश धुरंधर, संध्या वर्मा, सुरेखा धुरंधर सहित बड़ी संख्या में कुर्मी समाज के लोग उपस्थित रहे.
