सेक्टर- 7 भिलाई में स्वास्थ्य अमलों ने पीलिया से प्रभावित क्षेत्र का किया भ्रमण
दुर्ग- विगत 07 जून को स्ट्रीट नंबर 40, 41, 42, 43 सेक्टर- 7 भिलाई में संभावित पीलिया के मरीज की सूचना प्राप्त होने पर डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के निर्देशन में एवं डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, दुर्ग के मार्गदर्शन में डॉ. पियाम सिंग, प्रभारी अधिकारी, सिविल हॉस्पिटल सुपेला भिलाई व विजय सेजुले, सुपरवाईजर, हितेन्द्र कोसरे, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के द्वारा प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया. 08 जून को प्रभावित क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा घरों का भ्रमण किया गया जिसमें पुराने पीलिया के 02 मरीज मिले जो अभी स्वस्थ हो चुके है. वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है.
सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी ने बताया कि पीलिया हेतु पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है. विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रगट होते है. पीलिया के प्रमुख लक्षण भुख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ ऊपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना.
क्या करें
तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार हेतु जाए. पीने के पानी को 20 मिनट तक उबालकर ठंडा कर पीयें. 20 लीटर पीने के पानी में एक क्लोरिन गोली पीस कर डाले एवं 30 मिनट पश्चात् उपयोग करें. शौच के पश्चात एवं भोजन के पहले हाथ साबुन से धोवें. खुली में रखी, बासी व सड़ी गली खाद्य सामग्री का सेवन न करें.
क्या न करें
चिकित्सक से परामर्श किये बिना हर्बल दवाईयों से बचें. धुम्रपान व शराब के सेवन से बचे. बिना उबाले दुध व पानी का सेवन न करें. फलों व सब्जियों के रस से बचें. कच्चे व अधपके मांस मटन, अण्डे व मछली का सेवन न करें.
