मछुआरा समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय
रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के विधानसभा पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह एवं समाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन में उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.उन्होंने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज सदैव याद रखेगा.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है.
मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हसदेव-बांगो जलाशय में 37 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है. इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. वहीं दुधवा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से तिलापिया और पंगास मछली का पालन किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा प्रदान किया जा रहा है. साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रतिवर्ष राज्योत्सव में बिलासा देवी केंवट सम्मान से सम्मानित किया जाता है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगरेल डूबान क्षेत्र समिति को ठेका पद्धति समाप्त कर पुनः मछली पालन की अनुमति दी गई है. उन्होंने कहा कि मछली पालन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी व्यवसाय है और सरकार इसके विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दे रही है.
उन्होंने सुशासन तिहार के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब तक 31 जिलों का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया गया है. राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे. उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जल्द शुरुआत की भी घोषणा की, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मछुआरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य पालकों के हितों की रक्षा और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है. उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज के लोगों से नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया. उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होना होगा. उन्होंने आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया.
कार्यक्रम को राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर, महासचिव ओमप्रकाश धीवर, नंद कुमार सिंह धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
