सरकारी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी पर कांग्रेस हमलावर, धनंजय ठाकुर बोले- गरीब बच्चों पर कुठाराघात, तत्काल वापस हो फैसला
रायपुर- दसवीं, बारहवीं की परीक्षा शुल्क एवं अन्य 22 मदों की फीस में दोगुनी वृद्धि को वापस लेने की मांग करते हुये प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने सरकारी स्कूलों की फीस में वृद्धि करके महंगाई से लड़ रहे गरीब माता-पिता, बच्चों पर कुठाराघात किया है, सरकार को तत्काल फीस वृद्धि के फैसले को वापस लेना चाहिये. दसवीं, बारहवीं की परीक्षा शुल्क एवं 22 मदों के फीस में दोगुना वृद्धि कर गरीब एवं एससी, एसटी वर्ग के छात्रों का खर्चा बढ़ा दिया है. ये फैसला भाजपा सरकार की शिक्षा विरोधी होने का प्रमाण है. इससे गरीब एवं आरक्षित वर्ग के छात्र तनाव में आ गये है. गरीब माता-पिता पर व्यय भार बढ़ गया. आखिर सरकार को दसवीं, बारहवीं की नियमित फीस 460 रु. से बढ़ाकर 800 रु. नामांकन शुल्क 80 रु. से बढ़ाकर 200 रु., अतिरिक्त विषय का फीस 110 रु. से 250 रु. सम्पूर्ण विषय 10वीं, 12वीं 1230 रु. से 1600 रु. एक विषय का 280 रु. से 500 रु., दो विषय का 340 रु., से 600 रु., परीक्षा केंद्र परिवर्तन 240 रु. से 400 रु., स्वाध्यायी विलम्ब शुल्क 770 रु. 1000 रु., विशेष विलम्ब शुल्क 1540 रु. से 2000 रु. करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इसका जवाब शिक्षा मंत्री को देना चाहिये.
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के ढाई साल में शिक्षा व्यवस्था एक दम खराब हो गई है. स्कूल खुलने के कई महीनों तक छात्रों को पुस्तक नहीं मिलता है. शिक्षकों की कमी है, स्कूल भवन जर्जर हो चुकी है, सुविधाओं का भारी अभाव है, शिक्षा की गुणवत्ता दिन ब दिन गिरती जा रही है. 10,000 से अधिक स्कूल बंद कर दी गई. पेपर लीक हो जा रहे है. गरीब बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रहा है, स्कूल फीस में वृद्धि सरकार का तुगलकी निर्णय है. उन्होंने कहा कि पहले ही शिक्षा विभाग अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है, अब फीस बढ़ाकर गरीब छात्रों पर अत्याचार किया जा रहा है. कांग्रेस मांग करती है कि फीस में की गई वृद्धि तत्काल वापस लिया जाए.
