भूपेश का तीखा हमला, बोले- भाजपा को अपना चुनाव चिन्ह “कमल का फूल” बदलकर “अफीम का फूल” कर लेना चाहिए
रायगढ़- जिले में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है. इस बार मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है. जिले में यह इस तरह का दूसरा मामला है. इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई थी.
जानकारी के मुताबिक, झारखंड निवासी मार्शल सांगा पिछले 10–12 वर्षों से इस क्षेत्र में खेती कर रहा था. उसने आमाघाट के एक किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के नाम पर खेत लिया था, लेकिन उसी जमीन पर अफीम की खेती शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि झारखंड में उसके साथी पहले से अफीम की खेती करते हैं, जिससे प्रेरित होकर उसने रायगढ़ में भी यह काम शुरू किया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है.
https://x.com/bhupeshbaghel/status/2035957029815349541?s=20
इस मामले को लेकर राजनीति भी गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि लैलूंगा ब्लॉक के नवीन घट गांव में एक या दो नहीं बल्कि तीन अलग-अलग खेतों में अफीम की खेती पाई गई है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा को अपना चुनाव चिन्ह “कमल का फूल” बदलकर “अफीम का फूल” कर लेना चाहिए.
