दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की मांग

राजनांदगांव- शहर के शिक्षक नगर निवासी 21 वर्षीय अमित भौमिक की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मृतक के परिजनों का आरोप है कि प्रभावशाली राजनीतिक दबाव के चलते नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं की गई है. प्रेस क्लब भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में परिजनों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए न्याय की गुहार लगाई.

अमित भौमिक आत्महत्या प्रकरण में नया मोड़ आता नजर आ रहा है. मृतक के निधन को 21 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों में आक्रोश है. शनिवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मृतक की बड़ी बहन मुनमुन पोरिया ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का संदेह व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि अमित भौमिक (उम्र 21 वर्ष) निवासी शिक्षक नगर राजनांदगांव को कथित तौर पर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. परिजनों के अनुसार आरोपी किंजल ठावरे निवासी भरका पारा एवं आमीन कुरैशी निवासी लखोली स्कूल चौक द्वारा मानसिक उत्पीड़न किया गया, जिसके चलते अमित ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. परिजनों का दावा है कि आत्महत्या से पूर्व अमित ने एक ऑडियो/संदेश भेजा था जिसमें उसे गला काटकर जान से मारने की धमकी दिए जाने का उल्लेख है. इस संदेश को माननीय न्यायालय ने मृत्यु-कालीन कथन डाइंग डिक्लेरेशन के रूप में स्वीकार किया है. साथ ही आरोपियों द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को भी न्यायालय ने खारिज कर दिया है. इसके बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं होना परिजनों के लिए हैरान करने वाला है.
मुनमुन पोरिया ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब परिवार एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचा तो आवेदन लेने से मना कर दिया गया. अत्यधिक प्रयासों और हिंदू संगठनों के सहयोग से बड़ी मुश्किल से एफआईआर दर्ज हो सकी. उन्होंने कहा कि आज 21 दिन बाद भी पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होना यह संकेत देता है कि किसी बड़े राजनीतिक दबाव में जांच प्रभावित हो रही है. परिजनों ने यह भी कहा कि उन्हें बार-बार नियम-कानून का हवाला देकर टाला जा रहा है और उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा. “हमसे कहा जाता है कि क्या कल एफआईआर हुई और आज ही न्याय मिल जाए? हम त्वरित नहीं, लेकिन निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई चाहते हैं.
पत्रकार वार्ता में मृतक के माता-पिता अमल भौमिक, सुधा भौमिक सहित छदा शाह, उषा चटर्जी, रिमझिम, सौरभ, सविता बोस और अन्य परिजन उपस्थित रहे. सभी ने एक स्वर में दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की. परिजनों ने प्रशासन से अपील की है कि राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे.
