रायपुर : छत्तीसगढ़ में मतांतरण के बढ़ते मामले और उसे लेकर गांवों में हो रहे विवाद के बाद राज्य सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए योजना तैयार की है. बस्तर व सरगुजा संभाग सहित प्रदेश के अन्य आदिवासी क्षेत्रों में संवाद के जरिये इस समस्या का समाधान निकालने की कवायद की जा रही है.

राज्य सरकार के मंत्री, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी गांव से लेकर जिला स्तर तक आदिवासी समाज के प्रमुखों व ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्या पर चर्चा करेंगे. इस अभियान की मानीटरिंग मुख्यमंत्री सचिवालय से की जाएगी. सचिव स्तर के अधिकारी प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे.
सरकार ने सांप्रदायिकता भड़काने वालों पर रासुका लगाने का अधिकार कलेक्टरों को दे दिया है. इसका राजपत्र में प्रकाशन भी कर दिया है. एक जनवरी को नारायणपुर में आदिवासियों और मतांतरित आदिवासियों के बीच हुए विवाद के बाद सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीर पहल शुरू की है. राज्य में इसी वर्ष चुनाव होना है, इससे पहले सरकार मतांतरण विवाद से बचने का रास्ता तलाश रही है.
