गिरदावरी में पटवारी की मनमानी का आरोप: किसान ने कलेक्टर से की शिकायत, मामले की जांच करने का आदेश जारी

दुर्ग- पटवारी की मनमानी से किसानों को आए दिन किसी न किसी मामलों में अफसरों के दफ्तरों का चक्कर काटना पड़ता है जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. सरकार ने पटवारियों को गिरदावरी (फसलों का रिकॉर्ड) करने का निर्देश दिया है, खासकर डिजिटल तरीकों जैसे मोबाइल ऐप के माध्यम से, ताकि रिकॉर्ड की सटीकता सुनिश्चित हो सके. सरकार का निर्देश है कि पटवारी खेत-खसरे की जांच करें और मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज जानकारी को सत्यापित करें, तथा किसी भी गलती को भौतिक सत्यापन के आधार पर ठीक करें.
जानकारी के अनुसार समोदा के किसान ने पटवारी से विवाद के बाद दुर्भावना के कारण गलत गिरदावरी करने की शिकायत कलेक्टर से की थी. समोदा के किसान द्वारा पटवारी रत्नेश भदोरिया पर फसलों की गलत गिरदावरी करने की शिकायत पर संयुक्त कलेक्टर ने मामले की जांच कर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करने का आदेश कार्यालय कलेक्टर (भू-अभिलेख शाखा) दुर्ग द्वारा जारी किया है.
जारी आदेश के अनुसार, किसान जितेन्द्र कुमार पिता दलपत राम निवासी समोदा तहसील व जिला दुर्ग की भूमि खसरा नबंर 55/6, 55/7, 83/6322/2 कुल रकबा 2.155 हे. एवं मेनका पिता दलपत राम देशमुख निवासी समोदा तहसील व जिला दुर्ग की भूमि खसरा नबंर 346/1 रकबा 0.180 हे. जिसमें आवेदक द्वारा धान फसल लेना लेख किया गया है, किन्तु गिरदावरी में भूमि फसल डिटेल नहीं दिखा रहा है. पूर्व में तत्कालीन पटवारी रत्नेश भदोरिया से विवाद हुआ था, जिससे दुर्भावना के कारण फाइल डिटेल गिरदावरी में नहीं दिखा रहा है. गिरदावरी में फसल प्रविष्टि दुरूस्त कराकर मामले की जांच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करने कलेक्टर को आवेदन प्रस्तुत किया गया है. फिलहाल तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी के माध्यम से खाद्य विभाग के पीवीएफ के माध्यम से संबंधित समस्या का निराकरण किया जा रहा है.
