रेलवे भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने किया प्रदर्शन, एसडीएम को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा

दुर्ग- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की प्रस्तावित खरसिया–नया रायपुर–परमलकसा रेल परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के विरोध में मंगलवार को 300 से अधिक प्रभावित किसान व ग्रामीण सामूहिक रूप से जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे. पूरी प्रक्रिया को अपारदर्शी, एकतरफा और मनमानी बताते हुए 20 अगस्त 2025 को जारी प्रतिबंध आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है. प्रदर्शनकारियों ने अपनी आपत्तियाँ और मांगें दर्ज कराते हुए दुर्ग शहर एसडीएम हितेश पिस्दा को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन ने अब तक परियोजना का स्पष्ट संरेखण मानचित्र, मुआवजा निर्धारण की नीति और पुनर्वास योजना का कोई विवरण साझा नहीं किया है. किसान प्रतिनिधियों का आरोप है कि शासन ने बिना ग्रामसभाओं की अनुमति और प्रभावितों की राय लिए एकतरफा प्रतिबंध आदेश को जारी कर दिया, जिसके कारण खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री पर रोक लगा दी गई है.
किसानों ने सर्वसम्मति से घोषणा की कि उनकी कृषि योग्य पुश्तैनी भूमि, जो आजीविका का एकमात्र साधन है, किसी भी परिस्थिति में परियोजना के लिए नहीं दी जाएगी.
किसानों का कहना है कि प्रतिबंध आदेश बिना किसी पूर्व सूचना, ग्रामसभा की बैठक या प्रभावितों की सहमति के जारी किया गया, जो संविधान प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है.
किसानों ने कलेक्टर से मांग की कि अधिग्रहण से जुड़ी सभी जानकारियाँ — संरेखण मानचित्र, मुआवजा नीति और सर्वेक्षण आदेश सार्वजनिक की जाएँ तथा सभी प्रभावित ग्रामों में खुली एवं निष्पक्ष जनसुनवाई आयोजित की जाए.
संघर्ष समिति के संयोजक ढालेश साहू ने चेतावनी देते हुए कहा कि हम अपनी पुश्तैनी जमीन किसी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे. यह जमीन ही हमारी आजीविका और पहचान है. प्रशासन ने बिना ग्रामसभा की अनुमति और प्रभावित किसानों की राय लिए प्रतिबंध आदेश जारी किया है, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है. जब तक हमारी आपत्तियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और प्रतिबंध आदेश निरस्त नहीं किया जाता, तब तक किसान चुप नहीं बैठेंगे.”
ज्ञापन सौंपने के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी उचित मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. किसानों ने अपने समर्थन में हस्ताक्षर युक्त सूची और 20 अगस्त 2025 के प्रतिबंध आदेश की प्रति भी ज्ञापन के साथ संलग्न की है.
प्रदर्शन में दुर्ग और पाटन ब्लाक के 20 से अधिक गांवों घुघसीडीह, खोपली,बोरीगारका, पाउवारा, पुरई, कोड़िया, कोकड़ी, भानपुरी, कोनारी, चंदखुरी, चंगोरी, बिरेझर, थनौद, ठकुराईनटोला, बठेना, देमार आदि गांव के किसान शामिल रहे.
