जय स्तंभ चौक से ठेले-पसरे हटाकर हाट बाजार शिफ्ट करने की मांग, व्यापारियों ने विधानसभा अध्यक्ष सिंह को सौंपा पत्र

राजनांदगांव- शहर के हृदय स्थल जय स्तंभ चौक में ठेला-पसरा व्यवस्थित न होने से व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. व्यापारियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को संयुक्त हस्ताक्षरित पत्र सौंपकर मांग की है कि ठेला-पसरा वालों को हाट बाजार या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट किया जाए.
व्यापारियों का कहना है कि चौक क्षेत्र में अस्थायी दुकानों और ठेलों की संख्या लगातार बढ़ने से ग्राहक उनकी स्थायी दुकानों तक आसानी से नहीं पहुँच पा रहे हैं. इससे व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है. व्यापारियों ने पत्र में उल्लेख किया है कि ठेले और पसरे सड़क के बीचो-बीच लगने से ग्राहकों के लिए दुकानों तक पहुँचने का मार्ग अवरुद्ध हो गया है. महावीर चौक रोड पर लगाए गए बैरिकेड से ट्रैफिक नियंत्रण तो हुआ है लेकिन भीड़-भाड़ और अतिक्रमण के कारण पार्किंग स्थल म्युनिसिपल स्कूल ग्राउंड तक पहुँचना भी कठिन हो गया है.
पत्र में बताया गया है कि नगर निगम द्वारा पूर्व में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी लेकिन स्थान खाली होते ही ठेला-पसरा वाले फिर से सड़क पर कब्जा जमा लेते हैं. इस वजह से यातायात अव्यवस्थित हो रहा है और स्थिति और भी गंभीर बन रही है. व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि ठेले-पसरे सड़क पर फैल जाने से फायर ब्रिगेड या एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए भी रास्ता बंद हो जाता है. यह न केवल व्यापारियों बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है.व्यापारियों ने पत्र में कहा है कि वे लंबे समय से इस समस्या का समाधान चाहते हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. यदि आगामी त्योहार सीजन से पहले समाधान नहीं निकाला गया तो व्यापारी सड़क पर ही दुकानें लगाकर विरोध प्रदर्शन करने को विवश होंगे.
व्यापारियों ने मांग की है कि ठेले-पसरे वालों को हाट बाजार जैसे किसी निर्धारित स्थान पर शिफ्ट किया जाए. इससे जहाँ उनके रोजगार पर असर नहीं पड़ेगा. वहीं ग्राहकों की दुकानों तक सहज पहुँच संभव होगी और यातायात व्यवस्था भी सामान्य रहेगी. इस पत्र की प्रतियां महापौर, कलेक्टर, आयुक्त नगर पालिक निगम, पार्षद वर्षा शरद सिन्हा, पुलिस अधीक्षक एवं छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री को भी भेजी गई हैं. साथ ही व्यापारियों ने हस्ताक्षरित सहमति पत्र भी संलग्न किया है.
