शासकीय कर्मचारी कर रहें है पद का उपयोग? फोटो सोशल मीडिया में वायरल

दुर्ग- नगर पालिक निगम दुर्ग सीमा क्षेत्र अंतर्गत बुधवार 17 सितंबर को विवेकानंद भवन में स्वच्छता ही सेवा अभियान, अंगीकार-2025 और छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव का आयोजन मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दुर्ग सांसद विजय बघेल, महापौर अलका बाघमार, आयुक्त सुमित अग्रवाल सहित एमआईसी सदस्य और पार्षदों ने कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम में नागरिकों के लिए अनेक योजनाओं के स्टॉल लगाए भी लगाए गये थे. जिले के जामुल में पदस्थ राजस्व निरीक्षक और दुर्ग में परिवर्तित शाखा में पदस्थ राजस्व निरीक्षकों का दो अलग-अलग कार्यक्रम में शामिल होने और नेताओं का स्वागत करने के साथ-साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरूण साव को आमंत्रण देने और दुर्ग सांसद विजय बघेल के साथ फोटो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है.
आश्चर्य की बात यह भी है कि इस कार्यक्रम में राजस्व निरीक्षकों (RI) अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया और बकायदा सांसद का स्वागत भी किया गया. अब सवाल है कि क्या कोई सरकारी कर्मचारी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल हो सकता? जिले में “गिदावरी कार्यक्रम’ D C S चलाया जा रहा है. इस दौरान आरआई को विशेष रूप से उपस्थित रहना होता है. गिदावरी भूमि अभिलेखों की सटीकता सुनिश्चित करती है, और इसके लिए राजस्व निरक्षकों की नियमित उपस्थिति की आवश्यकता होती है. कलेक्टर दुर्ग द्वारा सख्त निर्देश जारी किया गया है कि कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के अवकाश नहीं लेगा यदि कोई कर्मचारी ऐसा करता है तो उनका उस दिन का वेतन काटा जाएगा. तो क्या कलेक्टर और एसडीएम से कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति ली गई है? पूर्व गृहमंत्री के करीबी होने के चलते सारे नियमों को ताक में रखकर अपने राजनीतिक पहुंच दिखा रहे हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दुर्ग भू-अभिलेख शाखा मे संलग्न महिला पटवारी बिना कार्य और बिना उपस्थिति के सरकार से वेतन ले रहा है, दुर्ग कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग को अनेकों बार शिकायत के बावजूद इन लोगों पर कार्यवाही नहीं होती, जिससे आम कर्मचारियों में काफी आक्रोश व्याप्त है.
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दुर्ग हरवंस सिंह मिरी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भिलाई-3 महेश राजपुत के सामने सरकारी नियमों का राजस्व निरक्षकों द्वारा धार्मिक कार्यक्रमों की आड़ में धज्जियां उड़ाई जा रही है! और खुलेआम आयोजनों में शामिल हो रहें है. अब देखने वाली बात है कि अब नियमों का पालन नहीं करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर कब और क्या कार्रवाई होती है या बड़े अधिकारियों के संरक्षण में इसी तरह नियमों का धज्जियां उड़ाते रहेंगे?
नियम क्या कहता है जानें छ ग़ सिविल सेवा (आचरण) नियम,1965 के कंडिका 2 सामान्य नियम, 6,प्रशासनिक कार्यवाही हेतु मार्गदर्शी निर्देश,12 चंदा, 15 शासकीय कर्मचारियों के सम्मान और 21 अशासकीय व्यक्ति का प्रचार या अन्य प्रभाव डालना इत्यादि.
- चन्दा- कोई भी शासकीय सेवक शासन की या विहित प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी प्रकार के उद्देश्य के अनुसरण में किन्हीं निधियों के लिए नगदी में या वस्तु के रूप में, अन्य संग्रहणों के लिए न तो अंशदान मांगेगा, न अंशदान स्वीकार करेगा और न उसके इकट्ठा किये जाने में स्वयं को अन्यथा सम्बद्ध करेगा.
- शासकीय कर्मचारियों के सम्मान- कोई भी शासकीय सेवक शासन की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार या कोई भी अभिनंदन पत्र बिदाई मानपत्र ग्रहण नहीं करेगा, कोई प्रशंसा पत्र ग्रहण करेगा और न वह अपने सम्मान में व किसी अन्य शासकीय सेवक के सम्मान सभा में या समारोह में उपस्थित रहेगा.
- अशासकीय व्यक्ति का प्रचार या अन्य प्रभाव डालना – कोई शासकीय सेवक शासन के अधीन सेवा से संबंधित मामलों के विषय में अपने हितों की वृद्धि के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी पर कोई राजनैतिक या अन्य प्रभाव न तो डालेगा और न डलवाने का प्रयत्न करेगा.
